National cancer awareness day: देशभर में 25 लाख से ज्यादा कैंसर पीड़ित, नशे को कहें ना

National cancer awareness day: शौक शौक में शुरू की गई कुछ ऐसी आदतें जो लंबे समय तक आपकी साथी बन जाती हैं और फिर एक भयावह अंत के साथ खत्म होती है। जी हां, कूल लुक और स्टेट्स मैंनटेन करने के चक्कर में कई बार हम ऐसी आदते अपना लेते हैं। जिन्हें छोड़ना मुश्किल हो जाता है। हम बात कर रहे तंबाकू ,सिगरेट और शराब जैसी लतों की, ये ऐसी लत है जो कैंसर जैसी बीमारी को न्यौता देती है।

सिगरेट के सेवन से फेफड़ो और गले के कैंसर की ज्यादा संभावना रहती है…वहीं शराब के सेवन से लिवर और तंबाकू के सेवन से मुंह के कैंसर की संभावना रहती है। वहीं आंकड़े कहते है कि देशभर में करीब 25 लाख लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं आज राष्ट्रीय कैंसर अवेयरनेस डे है और आइए इस बीमारी से बचने के लिए खुद जागरुक होकर औरों को जागरुक करें।

गुटखा और सिगरेट से होने वाले नुकसान

आपको बता दें कि गुटखे के एक पाउज में 8 ग्राम सुपारी होती है। वहीं एक पाउज में लगभग 2 ग्राम तंबाकू होता है और 10 ग्राम तंबाकू के 3 डोज बनते हैं। तंबाकू का 25% निकोटिन लार के जरिए लिवर तक पहुंचता है और लिवर से फैफड़ों और यूरेनर तक पहुंचता है।

एक सिगरेट से होने वाले नुकसान को समझें

एक सिगरेट में 5 ग्राम तंबाकू होता है, जिसमें निकोटिन,बैजीन,फार्मडिहाइल्ड,अमोनिया और एसीटोन भी होता है। जब भी आप कश लेते हैं तो उस वक्त 93% धुंआ मुंह और नाक से बाहर निकलता है और 5% धुआं पेट में जमा हो जाता है। इसके अलावा बाकि बचा 2% धुआं फेफड़ों, लिवर, हार्ट पर जमना शुरू हो जाता है।

जानकारी के मुताबिक, भारत में करीब 25 लाख से ज्यादा लोग कैंसर से पीड़ित हैं, तो वही 7 लाख नए मरीज हर साल सामने आ रहे हैं। ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि लोगों को कैंसर के बारे में जागरुकता की कमी का होना, तो वहीं बिगड़ी लाइफस्टाइल भी एक बड़ा भी कारण है। कैंसर से घबराने के बजाय बुरी आदतों और जीवनशैली में परिवर्तन कर इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password