Narmadapuram BEO Corruption Case: नर्मदापुरम के पिपरिया BEO पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, DEO ने बिठाई जांच

Narmadapuram BEO Corruption Case: नर्मदापुरम के पिपरिया विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) एस.एल. रघुवंशी पर लगे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई की है।

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Narmadapuram BEO Corruption Case

Narmadapuram BEO Corruption Case: नर्मदापुरम के पिपरिया विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) एस.एल. रघुवंशी पर लगे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसे तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है।

डीईओ कार्यालय ने यह जांच सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पोस्ट के संदर्भ में शुरू की है, जिसे अरुणेश मिश्रा ने पोस्ट किया था। जांच आदेश में आरोप है कि बीईओ एस.एल. रघुवंशी और सहयोगी बेनीसिंह पटेल मिलकर शिक्षकों से हजारों रुपये की रिश्वत मांगते हैं। शिक्षकों की विभागीय फाइलें आगे बढ़ाने और मेडिकल अवकाश के बाद वेतन जारी कराने जैसे कार्यों के लिए पैसे मांगे जाते हैं।

जांच के आदेश दिए।

सरकारी फंड में कमीशन

रघुवंशी पर स्कूलों के विकास कार्यों के लिए आने वाली सरकारी राशि में से कमीशन लेने का भी आरोप है। सोशल मीडिया पोस्ट में पिपरिया के आर.एन.ए. और सरकारी कन्या स्कूल को राजनीति और भ्रष्टाचार का गढ़ बताया गया है, जहां शिक्षकों को मजबूरी में काम कराने के लिए रिश्वत देनी पड़ती है। यह भी आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों को राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण कोई उनके खिलाफ आवाज नहीं उठा पाता।

जांच समिति और निर्देश

चार अधिकारियों की टीम आरोपों की जांच करेगी
राकेश उइके विकासखंड शिक्षा अधिकारी सोहागपुर
वीरेन्द्र कोरी प्राचार्य, शासकीय उमावि० मिसरौद
सुनीता गढ़वाल प्राचार्य शासकीय कन्या उमावि० सोहागपुर
शिशिर दुबेलेखापाल, बीईओ कार्यालय माखननगर (सहयोगी)

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MP Compassionate Appointment: आर्थिक रूप से सक्षम विवाहित बेटियां अनुकंपा नियुक्ति की हकदार नहीं, MP HC का बड़ा फैसला

MP Compassionate Appointment

MP Compassionate Appointment: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक रूप से सक्षम विवाहित बेटियां अनुकंपा नियुक्ति का लाभ लेने की पात्र नहीं हैं, भले ही वे नौकरी के लिए सभी योग्यताएं रखती हों। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि जो विवाहित बेटियां आर्थिक रूप से सक्षम हैं, उन्हें अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नहीं दिया जा सकता। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें…

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