Jet Airways: जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल ने कैंसर के इलाज के लिए अंतरिम जमानत की लगाई गुहार

Jet Airways: नरेश गोयल ने एक विशेष अदालत के समक्ष याचिका दायर कर ‘धीमी गति से बढ़ते कैंसर’ के उपचार के लिए अंतरिम जमानत देने का अनुरोध किया।

Jet Airways: जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल ने कैंसर के इलाज के लिए अंतरिम जमानत की लगाई गुहार

 हाइलाइट्स

  • विशेष अदालत के समक्ष याचिका दायर 
  • 20 फरवरी तक देनी होगी मेडिकल रिपोर्ट
  • मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश 

Jet Airways: धन शोधन के मामले में आरोपी एवं जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल ने एक विशेष अदालत के समक्ष याचिका दायर कर ‘धीमी गति से बढ़ते कैंसर’ के उपचार के लिए अंतरिम जमानत देने का अनुरोध किया। इस बीमारी का खुलासा निजी डॉक्टरों द्वारा किए गए परीक्षणों के दौरान हुआ।

अदालत ने गोयल की चिकित्सा रिपोर्ट की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का प्रारंभिक आदेश पारित किया क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका पर जवाब देने के लिए समय मांगा।

   कोर्ट ने दिया मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश

बता दें कि पिछले महीने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत विशेष न्यायाधीश एम जी देशपांडे ने गोयल को निजी डॉक्टरों द्वारा चिकित्सा परीक्षण कराने की अनुमति दी थी।

अंतरिम जमानत की याचिका में जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल ने कहा कि निजी डॉक्टरों द्वारा की गई जांच के दौरान घातक बीमारी का पता चला।  यहां जानना जरूरी है कि जेट एयरवेज के फाउंडर नरेश गोयल की पत्नी भी इन दिनों बीमार हैं।

यही वजह है कि बीते दिनों स्पेशल कोर्ट ने उन्हें अपनी बीमार पत्नी से मिलने की मंजूरी दी थी।  उनकी पत्नी को भी कैंसर है।

   याचिका में कही ये बात

याचिका में कहा गया है कि डॉक्टरों ने गोयल को होने वाली किसी भी घातक समस्या को रोकने के लिए जरूरी और तत्काल उपचार की सलाह दी है।  विशेष लोक अभियोजक सुनील गोंसाल्वेस ने कहा कि ईडी और गोयल के मेडिकल कागजात के निर्देशानुसार, जे जे अस्पताल का एक मेडिकल बोर्ड गठित किया जाना चाहिए।

इसे सलाह के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद ईडी अधिक स्पष्टता के साथ अपना जवाब प्रस्तुत करेगा।

   कभी था करोड़ों-अरबों का साम्राज्य

आज भले ही कोर्ट में नरेश गोयल हाथ जोड़कर मरने की गुहार लगा रहे हैं, मगर एक वक्त था, जब इनके नाम की तूती बोलती थी।  कभी इनकी कंपनी भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट एयरलाइन्स कंपनियों में से एक थी और इनके पास करोड़ों-अरबों का साम्राज्य था।

इनकी कंपनी के विमान देश से लेकर विदेश तक उड़ान भरते थे और कुछ साल पहले तक इनके विमानों की संख्या 100 से ऊपर थी।  मगर एक वक्त ऐसा भी आया, जब इनकी कंपनी जेट एयरवेज की हालत इतनी खराब हो गई कि कर्ज के बोझ तले दबकर साल 2019 में बंद हो गई।  नरेश गोयल आज यह अर्श से फर्श का सफर देख चुके हैं।

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