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प्रयागराज। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की कथित आत्महत्या के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को यहां कहा कि इस पूरे मामले को संपत्ति का मामला मानते हुए पुलिस की एक टीम यहां के अतिरिक्त महानिदेशक, महानिरीक्षक, प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं मंडलायुक्त इस मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है ।मंगलवार सुबह महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, कल की घटना को लेकर कई साक्ष्य एकत्र किए गए हैं क्योंकि यह मामला धर्माचार्य और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष से जुड़ा हुआ मामला है। योगी ने कहा कि एक-एक घटनाक्रम का पर्दाफाश होगा और दोषी अवश्य सजा पाएगा। उन्होंने कहा कि सभी से अपील है कि इस संवेदनशील मामले में अनावश्यक बयानबाजी करने से बचें और जांच एजेंसियों को निष्पक्ष ढंग से अपना काम करने दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी इस घटना के लिए जिम्मेदार होगा उसको कानून के दायरे में लाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
7-8 पेज का मिला सुसाइड नोट
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धार्मिक परंपरा के अनुसार पंचक होने के कारण पांच सदस्यीय एक टीम महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम संपन्न करेगी और उसके बाद जो भी धार्मिक रीति है, शास्त्रों की पद्धति से उनकी भावनाओं के अनुरूप समाधि का कार्यक्रम यहां संपन्न होगा। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज कुम्भ 2019 के आयोजन में महंत नरेंद्र गिरि के योगदान को याद करते हुए कहा कि गिरि ने जैसे अपने घर का कार्यक्रम होता है, उसी तर्ज पर प्रयागराज कुम्भ की भव्यता, उसकी सुरक्षा, तेरह अखाड़ों के बीच बेहतर संवाद और समन्वय का सुंदर प्रयास किया था और उसी का परिणाम था कि प्रयागराज कुम्भ को पहली बार वैश्विक मंच पर एक अद्भुत घटना के रूप में जाना गया। उल्लेखनीय है कि सोमवार को अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने अपने श्रीमठ बाघंबरी गद्दी में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस के मुताबिक, महंत नरेंद्र गिरि के शव के पास सात-आठ पेज का एक सुसाइड नोट पाया गया जिसमें उन्होंने कई बातें लिखी थीं।
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