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हाइलाइट्स
जल स्रोतों के संरक्षण के लिए चलेगा अभियान
सीएम मोहन करेंगे नमामि गंगे अभियान की शुरुआत
सरकार और समाज दोनों स्तर पर चलेगा अभियान
Namami Gange Mission: आज विश्व पर्यावरण दिवस है। इस मौके पर मध्यप्रदेश में आज ‘नाममि गंगे’ अभियान (Namami Gange Abhiyan) की शुरूआत होने जा रही है। प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) इस अभियान की शुरुआत (MP Namami Gange Inaugurations) रायसेन के झिरी बहेड़ा में करेंगे।
आज से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पूरे प्रदेश में पौधा रोपण अभियान (Namami Gange Project) चलाएगा। नमामि गंगे अभियान ग्राम विकास विभाग में अपनी अहम भूमिका निभाएगा।
आपको बता दें कि ‘नमामि गंगे’ अभियान पूरे प्रदेश में आयोजित (MP Namami Gange Inaugurations) किया जा रहा है। सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) इसकी शुरुआत करते हुए पौधारोपण करेंगे।
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इसके साथ ही सीएम ने जल संरक्षण और जल गंगा संवर्धन अभियान (CM Namami Gange Abhiyan) में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने का आव्हन किया है।
विश्व पर्यावरण दिवस आज यानी 5 जून 2024 से शुरू हो रहा है, जो कि गंगा दशमी 16 जून 2024 तक चलेगा। जल संवर्धन और संरक्षण के लिए आमजन को प्रेरित करने के लिए ‘नमामि गंगे’ अभियान को भव्य बनाया जाएगा।
जल स्रोतों के संरक्षण के लिए चलेगा अभियान
इस अभियान (Namami Gange Abhiyan) के तहत प्रदेश की नदियों में जल को संरक्षण के लिए प्रयास किए जाएंगे। ताकि नदियों के कटाव को रोकने में सफलता मिल सके। साथ ही पर्यावरण को बचाने के लिए एक अच्छी दिशा मिलेगा।
इसलिए की ‘नमामि गंगे’ की शुरुआत
नदियों के पुनर्जीवन और जल संरक्षण के साथ बरसात के पहले नालों की साफ-सफाई जैसे कार्य जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के सहयोग से अच्छी सफलता से किए जाएंगे।
प्रदेश के नगरीय और ग्रामीण इलाकों में 'नमामि गंगे अभियान' (Namami Gange Pariyojna) को जनता का अभियान बनाते हुए कई प्रयास किए जाएंगे।
सरकार और समाज दोनों स्तर पर चलेगा अभियान
जल संरक्षण, पौधारोपण, पुरानी नदी, तालाब और बावड़ी जैसे जलस्रोतों के संरक्षण के लिए सरकार और समाज दोनों ही स्तर पर (Namami Gange Abhiyan) कार्य किया जाएगा।
पौधारोपण अभियान के लिए भी नदियों के किनारे पौधे लगाने का कार्य किया जाएगा। जिससे नदियों का कटाव कम होगा।
नदियों के संगम से चलेग नमामि गंगे अभियान
बेतवा नदी मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के विध्यांचल पर्वतमालाओं से निकलती है। इसके साथ ही बेतवा, यमुना नदी की महत्वपूर्ण सहायक नदी है।
जब इन दोनों नदियों का मेल होता है, तो यमुना नदी उत्तराखंड की हिमालयी इलाके से यमुनोत्री ग्लेशियर से निकलती है।
जो कि जो कि प्रयागराज (इलाहाबाद) गंगा नदी में जाकर मिलती है। बता दें कि यमुना नदी, गंगा नदी की सबसे लंबी और सहायक नदी है।
नमामि गंगे अभियान (Namami Gange Abhiyan) बेतवा से गंगा नदी तक पहुंचने में अपनी अहम भूमिका निभाएगा।
नदियों को प्रदूषण मुक्त करने वाला अभियान
नदियों को प्रदूषण से मुक्त करने और नदी को पुनर्जीवित करने के लिए इस ‘नमामि गंगे' अभियान का शुभारंभ (CM Namami Gange Abhiyan) किया जा रहा है।
इस अभियान (Namami Gange Project) की बेतवा नदी से शुरुआत होगी। क्योंकि बेतवा नदी यमुना से और यमुना, गंगा नदी से मिली है। ये नदियां एक दूसरे की सहायक नदियां है।
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