Nagriya Nikay Chunav 2021: आरक्षण मामले में सरकार ने हाईकोर्ट से मांगी मोहलत, अगली सुनवाई 26 अप्रैल को

Nagriya Nikay Chunav 2021

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में Nagriya Nikay Chunav 2021 आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में सुनवाई हुई, जिसमें प्रदेश सरकार ने आरक्षण पर अपना जवाब पेश करने के लिए और समय मांगा है। अब मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी। हाईकोर्ट के आदेशानुसार 81 नगरीय निकायों के आरक्षण में रोटेशन प्रक्रिया के मामले में सरकार को अपना जवाब पेश करना था।

बता दें, इन नगरीय निकायों के आरक्षण का मसला निपटने के बाद ही प्रदेश के नगरीय निकायों के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने साल 2014 में जो अध्यक्ष और महापौर के पद आरक्षित वर्ग के लिए थे, उन्हें इस साल प्रस्तावित चुनावों में भी आरक्षित कर दिया था। जिसके बाद से मामले पर सुनवाई कर रही है।

अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी
अब मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी। जब तक आरक्षण की विसंगतियों पर फैसला नहीं हो जाता, नगरीय निकाय चुनाव अटके रहेंगे। शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त महाधिवक्ता ग्वालियर MPS रघुवंशी ने की।

रोटेशन प्रक्रिया का पालन नहीं किया

गौरतलब है कि 13 मार्च को एमपी हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायतों के लिए 10 व 11 दिसंबर 2020 को जारी आरक्षण अधिसूचना पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा था कि शासन ने आरक्षण में रोटेशन प्रक्रिया का पालन नहीं किया है। शासन को जवाब पेश करने का आदेश दिया था।

कुछ दिनों के लिए चुनाव फिर टल सकते है
मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब तक याचिका पर फैसला नहीं होता तब तक चुनाव अटके रहेंगे। यानि की अगर 26 अप्रेल का फैसला नहीं होता तो निकाय चुनाव एक बार कुछ दिनों के लिए चुनाव फिर टल सकते है।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password