Bagheswar Dham Sarkar: बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को नागपुर पुलिस ने दी क्लीन चिट, नहीं मिले काला जादू से जुड़े सबूत

Bagheswar Dham Sarkar: बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को नागपुर पुलिस ने दी क्लीन चिट, नहीं मिले काला जादू से जुड़े सबूत Bagheswar Dham Sarkar: Nagpur Police gave clean chit to Dhirendra Shastri of Bageshwar Dham, no evidence related to black magic was found

Bagheswar Dham Sarkar: बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को नागपुर पुलिस ने दी क्लीन चिट, नहीं मिले काला जादू से जुड़े सबूत

Bagheswar Dham Sarkar: नागपुर पुलिस ने अंधविश्वास गतिविधियों को बढ़ावा देने के खिलाफ दर्ज शिकायत में बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को बुधवार को ‘‘क्लीन चिट’’ दे दी। पुलिस के मुताबिक, धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ अंधविश्वास फैलाने के सबूत नहीं मिले। नागपुर पुलिस का कहना है कि धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम से जुड़े वीडियो में वह कहीं भी अंधविश्वास फैलाते नहीं पाए गए। नागपुर के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने यह जानकारी दी है।

गौरतलब है कि ‘अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ के संस्थापक श्याम मानव ने एक शिकायत दर्ज कराकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ नागपुर में अपने कार्यक्रमों में अंधविश्वास गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। जिसके बाद कई लोगों ने धीरेंद्र शास्त्री पर गंभीर आरोप लगाए थे। वहीं अब उस मामले में नागपुर पुलिस ने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को क्लीन चिट दे दी है।

नागपुर के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा कि शिकायत और श्याम मानव द्वारा प्रस्तुत ‘‘सबूत’’ की जांच के दौरान, ऐसा कुछ भी नहीं मिला, जिसमें काला जादू रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने आगे कहा, ‘‘मानव द्वारा बागेश्वर महाराज के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत और सबूत के तौर पर उनके द्वारा प्रस्तुत एक वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच की। हालांकि, यह पाया गया कि नागपुर में महाराज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में इन कानूनों के तहत कोई कार्रवाई नहीं बनती है।

जानें पूरा मामला

अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के संस्थापक मानव ने आठ जनवरी को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पांच से 13 जनवरी तक नागपुर में ‘श्री राम कथा’ कार्यक्रम आयोजित किया और इस दौरान उन्होंने अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाले ‘दिव्य दरबार’ और ‘प्रेत दरबार’ कार्यक्रम आयोजित किए। मानव ने अपनी शिकायत में महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुराई और अघोरी प्रथाओं और काला जादू रोकथाम एवं उन्मूलन अधिनियम, 2013 के तहत कार्रवाई किये जाने की मांग की थी।

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