Nagar Singh Chauhan Resign: नाराजगी के बाद प्रशासन एक्टिव, इस्तीफे की धमकी देने के बाद दिल्ली तलब हुए मंत्री!

Nagar Singh Chauhan Resign: मंत्री पद छोड़ेंगे नागर सिंह चौहान! पत्नी भी छोड़ेंगी सांसद पद, इस बात से हैं नाराज; जानें पूरा मामला

Nagar Singh Chauhan Resign: नाराजगी के बाद प्रशासन एक्टिव, इस्तीफे की धमकी देने के बाद दिल्ली तलब हुए मंत्री!

हाइलाइट्स

  • मंत्री पद छोड़ेंगे नागर सिंह चौहान!
  • पत्नी अनीता चौहान भी छोड़ेंगी सांसद पद!
  • राम निवास रावत को पद देने से हैं नाराज

Nagar Singh Chauhan Resign: मंत्री नागर सिंह चौहान की नाराजगी की खबर सामने आई है, आपको बता दें कि मंत्री नागर सिंह चौहान मंत्री पद छोड़ सकते हैं। नागर सिंह रामनिवास रावत को वन एवं पर्यावरण विभाग के मंत्री बनाए जाने से नाराज हैं, जिसकी वजह से उनकी पार्टी छोड़ने (Nagar Singh Chauhan Resign News) की अटकलें चल रही हैं। अलीराजपुर कलेक्टर अभय बेडेकर ने कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान की मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से बात कराई है।  कलेक्टर अभय बेडेकर करीब 2 घंटे से नागर सिंह चौहान के आवास पर मौजूद थे।

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नागर सिंह चौहान के पास वन एवं पर्यावरण विभाग था, जो कि रामनिवास रावत को दिया है। मंत्री नागर सिंह चौहान मंत्री पद से और पत्नी अनीता नागर चौहान सांसद पद (Nagar Singh Chauhan Resign News) छोड़ सकती हैं।

इस बात हैं नाराज

दरअसल, रविवार 21 जुलाई 2024 को रामनिवास रावत को वन एवं पर्यावरण विभाग का मंत्री बना दिया गया। ये विभाग नागर सिंह चौहान के पास था। इसके साथ ही नागर के पास अनुसूचित जाति विभाग भी था।

उनके दो विभागों में से एक विभाग (वन एवं पर्यावरण विभाग) उन्हें बिना बताए रामनिवास रावत को दे दिया। इसी बात से नाराज नागर सिंह चौहान अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

नागर सिंह चौहान ने बंसल न्यूज को बताया

नागर सिंह चौहान ने बंसल न्यूज को बताया कि जब अलीराजपुर जिले में बीजेपी का झंडा उठाने वाला कोई नहीं था, उस समय मैंने बीजेपी को अलीराजपुर में खड़ा किया। मैं लगातार 5 चुनाव बीजेपी से लड़ा और 4 बार विधायक बना।

एमपी सरकार ने मुझे मंत्री पद का दायित्व दिया। आदिवासी चेहरा होने के नाते पार्टी ने मंत्रिमंडल में मुझे अनुसूचित जाति और वन एवं पर्यावरण विभाग देकर कैबिनेट में दर्जा दिया था।

लेकिन मुझे अफसोस इस बात का है जिन्होंने जी-जान लगाकर पार्टी को खड़ा किया। कई परिवार खपाए, लेकिन इसके बाद भी पार्टी यदि जमीन पर काम करने वाले नेता का पद छीनकर कांग्रेस से आए हुए लोगों को दे देती है तो बड़ा दुख होता है।

मैंने अलीराजपुर जिले के बीजेपी कार्यकर्ताओं से मिलकर ये तय किया है कि आने वाले समय में पार्टी से इस्तीफा दूंगा। मैं आदिवासी समाज की सेवा करने वाला कार्यकर्ता हूं और जो मेरे पास विभाग बचा है अनुसूचित जाति विभाग इस विभाग में जिले में नाम मात्र के ही लोग हैं। मुझे ऐसी स्थिति में इस्तीफा दे देना चाहिए। मैं विधायक बनकर भी अलीराजपुर जिले की जनता की अच्छे से सेवा करता रहूंगा।

पत्नी भी दे सकती हैं सांसद पद से  इस्तीफा

नागर सिंह चौहान ने बसंल न्यूज को बताया कि मेरी धर्मपत्नी अलीराजपुर जिला की अध्यक्ष थी और लगातार जनता की सेवा कर रही थी, लेकिन लोकसभा का चुनाव जब आया तो मैने और न मेरी पत्नी ने पार्टी से टिकट मांगा था, लेकिन बीजेपी पार्टी की ऐसी कौनसी मजबूरी थी कि बिना मांगे मेरी पत्नी को टिकट दे दिया था। टिकट देने के बाद मेरी पत्नी ने अलीराजपुर और झाबुआ से बड़े बहुमत से जीत हासिल की थी।

अगर ऐसी स्थिति बनेगी तो मेरी धर्मपत्नी भी सांसद पद से स्थिति देंगी। समय आने पर मैं पार्टी के फॉरम पर बात करूंगा कि मुझसे कहां गलती हुई। पार्टी ने मुझसे बिना पूछे मेरा पद कांग्रेस से आए नेता को दे दिया। इस बात से मैं नाराज हूं और आने वाले समय में मैं और मेरी पत्नी दोनों इस्तीफा दे देंगे।

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