Maha Kumbh 2025: नागा साधु और अघोरी साधु में क्या है अंतर?

Difference Between Naga Sadhus Aghori Sadhus इस महाकुंभ में भाग लेने के लिए देश और दुनिया के कोने-कोने से नागा साधु और अघोरी साधु भी आएंगे।

Naga Sadhu VS Aghori Sadhu

Naga Sadhu VS Aghori Sadhu

Naga Sadhu VS Aghori Sadhu: इस बार दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला "महाकुंभ" संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित हो रहा है। इस महाकुंभ में भाग लेने के लिए देश और दुनिया के कोने-कोने से नागा साधु और अघोरी साधु भी आएंगे।

नागा साधुओं को धर्म का रक्षक माना जाता है, जबकि अघोरी साधु अपनी अद्भुत और रहस्यमयी प्रथाओं के लिए जाने जाते हैं। हंलकी दोनों मठ दिखने में एक जैसे प्रतीत होते हैं, लेकिन उनकी परंपराएं और ध्यान पद्धतियां पूरी तरह से भिन्न हैं।

नागा साधु

[caption id="attachment_733774" align="alignnone" width="748"]Naga Sadhu VS Aghori Sadhu Naga Sadhu VS Aghori Sadhu[/caption]

  • नागा साधुओं का मुख्य उद्देश्य धर्म की रक्षा करना और शास्त्रों के ज्ञान में निपुण होना है।
  • वे अखाड़ों से जुड़े हुए होते हैं और समाज की सेवा करते हैं साथ ही धर्म का प्रचार करते हैं।
  • ये साधू अपनी कठोर तपस्या और शारीरिक शक्ति के लिए जाने जाते हैं। नागा साधु अपने शरीर पर भस्म लगाते हैं।

अघोरी साधु

[caption id="attachment_733775" align="alignnone" width="749"]Naga Sadhu VS Aghori Sadhu Naga Sadhu VS Aghori Sadhu[/caption]

  • अघोरी साधुओं को भगवान शिव का अनन्य भक्त माना जाता है।
  • वह हमेशा अपने साथ एक मानव खोपड़ी रखते हैं, जो उनकी भक्ति का प्रतीक है।
  • भगवान दत्तात्रेय को अघोरी संतों का गुरु माना जाता है, जिन्हें शिव, विष्णु और ब्रह्मा का अवतार कहा जाता है।
  • ये ऋषि दुनिया की आम परंपराओं से दूर रहकर जीवन और मृत्यु के रहस्यों को समझने में लगे रहते हैं।
  • नागा साधु धर्म और समाज के लिए काम करते हैं, जबकि अघोरी साधु अपने ध्यान में लीन रहते हैं और केवल भगवान शिव की पूजा करते हैं।

Maha Kumbh Luxury Tent: पहले से ही बुक हुए संगम निवास के सुपर लग्जरी टेंट, दो व्यक्तियों के लिए प्रति दिन इतना किराया

Maha Kumbh Mela Luxury Tent City: दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन महाकुंभ मेले का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक प्रयागराज में होगा। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, भव्य आध्यात्मिक आयोजन में करीब 40 करोड़ से अधिक तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद है।

महाकुंभ मेले ने होटलों और टेंट सिटी की कीमतों को बढ़ा दिया है। गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम तट पर एकत्रित होने वालों के लिए लग्जरी टेंट सिटी बनी है। जिसका किराया किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं है।

प्रयागराज कैंपसाइट पर स्थित द अल्टीमेट ट्रैवलिंग कैंप (TUTC) के संगम निवास में 44 सुपर लग्जरी टेंट लगाए गए हैं। इनका किराया दो व्यक्तियों के लिए एक लाख रुपये प्रति रात है। टेंट्स में अटैच बाथरूम, गर्म-ठंडे पानी की सुविधा और बटलर सेवाएं शामिल हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर-

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