MP के नगर निगम करेंगे सौर ऊर्जा का उपयोग: सालाना होगी करोड़ों रुपए की बचत! आम लोगों को मिलेंगे ये फायदे, जानें डिटेल

MP Solar System News: मध्‍य प्रदेश के अंदर आने वाले सभी नगर निगम में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। प्रदेश के सभी नगर निगम में सोलर सिस्‍टम का

MP के नगर निगम करेंगे सौर ऊर्जा का उपयोग: सालाना होगी करोड़ों रुपए की बचत! आम लोगों को मिलेंगे ये फायदे, जानें डिटेल

MP Solar System News: मध्‍य प्रदेश के अंदर आने वाले सभी नगर निगम में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। प्रदेश के सभी नगर निगम में सोलर सिस्‍टम का ज्‍यादा यूज किया जाएगा।

प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शुक्रवार 19 जुलाई को हुई बैठक में सभी आयुक्त और महापौर को इस दिशा में सख्त निर्देश दिए हैं।

मंत्री अब प्रदेश के नगर निगम को सोलर सिस्‍टम के द्वारा रोशन करने का प्‍लान बना रहे हैं।

सोलर सिस्‍टम से होगा क्‍या–क्‍या काम

मध्य प्रदेश की सभी 16 नगर निगम को सोलर सिस्‍टम से रोशन करने की तैयारियां जोरो पर हैं। प्रदेश की हर नगर निगम में बढ़ रहे बिजली के बिल के कारण यह सिस्‍टम लाया जा रहा है।

इस सिस्‍टम की मदद से सभी नगर निगमों का बिजली का बिल काफी हद तक कम हो जाएगा। इस सिस्‍टम के आ जाने के बाद प्रदेश के सभी नगर निगम की स्ट्रीट लाइट से लेकर पानी सप्लाई तक का काम सोलर एनर्जी से ही पूरा किया जाएगा।

इस नए सिस्‍टम के आ जाने के बाद से घाटे में चल रही नगर निगमों को राहत मिल सकती है। शुक्रवार को मंत्रालय में हुई इस बैठक में तय किया गया कि नगर निगमों की आय बढ़ाने देश भर के एक्सपर्ट को बुलाकर इस विषय पर और जोर दिया जाएगा।

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आम लोगो को होगा फायदा

प्रदेश की जब 16 नगर निगमों में सौर ऊर्जा का यूज होना शुरू हो जाएगा। तो सौर ऊर्जा के द्वारा ही नगर निगम की स्‍ट्रीट लाइट से लेकर पानी की सप्‍लाई होगी।

अभी ऐसा देखने को मिलता है कि कई बार विघुत विभाग में नगर निगम लाइट का बिल जमा नहीं करती है और विभाग इनका कनेक्‍शन काट देता है।

जिससे लोगों को दिक्‍कतें आती अब ऐसा नहीं होगा। इसके साथ ही सौर ऊर्जा के द्वारा बचने वाले करोड़ों रुपए का यूज भी आम जन को सुविधाएं देने के लिए किया जाएगा ये सबसे बड़ा फायदा साबित हो सकता है।

कई ठेकेदार होंगे ब्लैक लिस्ट

मंत्रालय की इस बैठक में कई मेयर ने अभी हाल ही में हुए कुछ निर्माण कार्य की क्‍वालिटी के ऊपर सवाल उठाएं हैं। इन सवालों को लेकर कमिश्नर ने कहा है कि ठेकेदारों ने निर्धारित रेट से 40 से 50 प्रतिशत के कम तक टेंडर डाले जा रहे हैं, ऐसे में इनको टेंडर जारी करना मजबूरी हो जाती है।

इस पर मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी नगर निगम में एक कमेटी बनाई जाए और जो भी एक निर्धारित रेट से बहुत ज्यादा कम के टेंडर डाल रहा है।

उस पर ये कमेटी जांच करेगी और उसे निरस्त करने पर अनुशंसा करेगी। प्रदेश में कोई भी ठेकेदार टेंडर लेने के बाद यदि बेकार या घटिया काम करते हैं तो उन्हें तुरंत ब्लैक लिस्ट किया जाए।

प्रदेश की नगर निगम बनेंगी ग्रीन सिटी

प्रदेश की नगर निगम की वित्तीय स्थिति को लेकर इस बैठक में चिंता जताई गई थी। ऐसा देखा गया है कि सभी नगर निगमों का सबसे ज्यादा खर्च बिजली के बिलों से होता है और पानी की सप्लाई में बिजली का बिल करोड़ों रुपयों में आता है।

इस बैठक में तय किया है कि प्रदेश की सभी नगर निगम ग्रीन सिटी की तरफ अपने कदम बढ़ाएंगी। बैठक में मंत्री ने कहा कि प्रदेश की कुछ जगहों पर बड़े सोलर पॉवर प्लांट लगाए जाएंगे जिससे बड़े नगर निगमों को बिजली सप्लाई की जा सकती है।

अच्‍छी सर्विस के साथ अच्‍छा होगा टैक्‍स

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सभी नगर नगर के आयुक्‍त और महापौर को निर्देश दिए हैं कि आप अपनी नगर निगम से जनता को जितनी अच्‍छी सर्विस दे सकते हैं उतना ही अच्‍छा टैक्‍स बसूल सकते हैं। भूमिकर का सर्वे डिजिटली किया जाए और सभी से इसका टैक्स लिया जाए।

नगर निगम सीमा की जमीन को फ्री होल्ड कराने में आने वाली समस्या को लेकर मंत्री ने निर्देश दिए कि कमिश्नर के साथ बैठक कर फ्री होल्ड की समस्या निपटाएं. इसके कारण विकास कार्य नहीं रूकना चाहिए। नगर निगम का कोई भी काम किसी समस्‍या के कारण नहीं रुकना चाहिए।

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