Mukhyamantri Seekho Kamao Yojana: MP में 9 लाख युवाओं ने इस योजना में कराया रजिस्ट्रेशन,इतने को मिली नौकरी, जानें डिटेल

MP Mukhyamantri Seekho Kamao Yojana: योजना के तहत अब तक करीब प्रदेश के 15 हजार युवाओं को अप्रेंटिसशिप पूरी करने के बाद नौकरी मिल चुकी है।

Mukhyamantri Seekho Kamao Yojana: MP में 9 लाख युवाओं ने इस योजना में कराया रजिस्ट्रेशन,इतने को मिली नौकरी, जानें डिटेल

हाइलाइट्स

  • 15 हजार को मिला अभी तक काम
  • 700 स्‍ट्रीम्‍स में मिलती है ट्रेनिंग
  • 9 लाख ने कराया था रजिस्ट्रेशन

MP Mukhyamantri Seekho Kamao Yojana: मध्य प्रदेश सरकार की “मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना” के तहत अब तक करीब प्रदेश के 15 हजार युवाओं को अप्रेंटिसशिप पूरी करने के बाद नौकरी मिल चुकी है।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा जून 2023 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग प्रदान करना था, ताकि उनकी रोजगार क्षमता बढ़े और उन्हें नौकरी हासिल करने में मदद मिले।

इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन सितंबर 2023 में शुरू हुआ और कुल मिलाकर करीब नौ लाख युवाओं ने अपना पंजीकरण कराया।

700 स्‍ट्रीम्‍स में मिल रही है ट्रेनिंग

इस योजना के तहत 700 कार्यों को स्वीकृति दी गई थी जिनमें इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, सिविल, मैनेजमेंट, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म, ट्रैवल, अस्पताल, रेलवे, आईटीआई, सॉफ्टवेयर, बैंकिग, बीमा, लेखा, चार्टेड अकाउंटेंट, अन्य वित्तीय सेवाओं सहित कई और काम सिखाए जाते हैं।

बता दें की इस योजना के दौरान काम सीखने के दौरान युवाओं को स्टाइपेंड भी दिया जाता है।

इतनी मिलती है ट्रैनिंग के बाद स्टाइपेन्ड

12वीं पास उम्मीदवारों को 8,000 रुपये, आईटीआई सर्टिफिकेट धारकों को 8,500 रुपये, स्नातकों को 9,000 रुपये और उच्च योग्यता रखने वालों को 10,000 रुपये का स्टाइपेन्ड मिलता है ।

बता दें कि यह योजना 18-29 वर्ष आयु वर्ग के मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए है। संबंधित उद्योग को stipends का सिर्फ 25 फीसदी देना होता है और बाकी सरकार देती है।

कौशल विकास निदेशालय (Skill Development Directorate) की निदेशक हर्षिका सिंह ने बताया कि आम धारणा यह है कि यह योजना नौकरी देने के लिए है।

क्या है इस योजना का उद्देशय

'मुख्‍यमंत्री सीखो कमाओ योजना' के तहत युवाओं को अलग-अलग सेक्‍टर्स में ट्रेनिंग देकर उन्‍हे रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। ट्रेनिंग के दौरान उन्‍हें मानदेय यानी स्‍टाइपेंड भी दिया जाएगा। इस स्‍कीम में 700 कोर्स के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को उनकी योग्‍यता के हिसाब से 8000 से 10000 रुपए तक का स्‍टाइपेंड दिया जाएगा। ट्रेनिंग 1 साल की होगी, लेकिन कुछ कोर्सेज के लिए ट्रेनिंग पीरियड 6 से 9 महीने रखा गया है।

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