Mukhtar Ansari की बढ़ीं मुश्किलें , एम्बुलेंस केस में 25 हजार का इनामी शाहिद बाराबंकी से गिरफ्तार

Mukhtar Ansari की बढ़ीं मुश्किलें , एम्बुलेंस केस में 25 हजार का इनामी शाहिद बाराबंकी से गिरफ्तार, Mukhtar Ansari difficulties increased 25 thousand reward in ambulance case

Mukhtar Ansari की बढ़ीं मुश्किलें , एम्बुलेंस केस में 25 हजार का इनामी शाहिद बाराबंकी से गिरफ्तार

बाराबंकी (उप्र)। (भाषा) फर्जी एंबुलेंस मामले में बाराबंकी पुलिस ने बांदा जेल में बंद मऊ जिले से बसपा के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के एक और करीबी अली मोहम्मद जाफरी उर्फ शाहिद को शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया। मामले में इससे पहले सात लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।बाराबंकी पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने रविवार को बताया कि काफी समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी शाहिद की गिरफ्तारी बाराबंकी नगर कोतवाली स्थित मयूर विहार कालोनी से सर्विलांस की मदद से की गई।

पुलिस ने बताया कि वह सिपह थाना कोतवाली नगर जिला जौनपुर (हाल पता लारी हाता कालोनी अली का कटरा थाना वजीरगंज लखनऊ) का निवासी है।गौरतलब है कि जबरन वसूली के एक मामले में बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को गत 31 मार्च को पंजाब के मोहाली स्थित अदालत में पेश किया गया था। अंसारी को वहां जिस एंबुलेंस से लाया गया था, उसपर बाराबंकी की नंबर प्लेट लगी थी। जब पुलिस ने जांच की तो पाया कि मऊ के श्याम संजीवनी अस्पताल की संचालिका डॉक्टर अलका राय और उनके कुछ सहयोगियों ने साल 2013 में इस एंबुलेंस का फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण कराया था।

इस मामले में बाराबंकी की नगर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया, जिसमें मुख्तार अंसारी को साजिश और जालसाजी का आरोपी बनाया गया था। बाराबंकी पुलिस का कहना है कि डॉक्टर अलका राय, उनके सहयोगी डॉक्टर शेषनाथ राय, मुख्तार अंसारी, मुजाहिद, राजनाथ यादव और अन्य ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत एंबुलेंस के पंजीकरण के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इस मामले में पुलिस अलका राय, शेषनाथ राय और राजनाथ यादव समेत सात लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले में अभी दो आरोपियों की गिरफ्तारी और होनी बाकी है।

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