Mukesh Chandrakar Murder Case : पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के आरोपी दिनेश को हाईकोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज

Mukesh Chandrakar Murder Case: छत्तीसगढ़ के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्या केस में आरोपी दिनेश चंद्राकर को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

Mukesh Chandrakar Murder Case

Mukesh Chandrakar Murder Case

हाइलाइट्स 

  • हाईकोर्ट ने खारिज की दिनेश की जमानत
  • SIT ने पेश की 1200 पन्नों की चार्जशीट
  • पत्रकार समुदाय ने फैसले का स्वागत किया

Mukesh Chandrakar Murder Case: छत्तीसगढ़ के चर्चित पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में आरोपी दिनेश चंद्राकर को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से एडवोकेट प्रीतम सिंह ने जोरदार आपत्ति जताई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को राहत देने से इंकार कर दिया।

हाईकोर्ट ने माना मामला गंभीर, चार्जशीट में मजबूत साक्ष्य

[caption id="attachment_929563" align="alignnone" width="1061"]Mukesh Chandrakar Murder Case आरोपी सुरेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके[/caption]

जानकारी के मुताबिक, इस केस में पुलिस पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों और गवाहों के बयानों से यह स्पष्ट हुआ कि हत्या की साजिश पूर्व नियोजित थी।

SIT ने करीब 75 दिनों की जांच के बाद 1200 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट अदालत में पेश की है। इसमें आरोपी सुरेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके के खिलाफ हत्या, साजिश और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

कैसे हुआ था पत्रकार मुकेश चंद्राकर का कत्ल?

https://twitter.com/BansalNews_/status/1988238900285034720

1 जनवरी 2025 की शाम बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे। दो दिन बाद, यानी 3 जनवरी 2025 को बीजापुर के चट्टानपारा बस्ती में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर की संपत्ति के सेप्टिक टैंक से उनका शव बरामद हुआ।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने मुकेश को डिनर के बहाने बुलाया और लोहे की रॉड से सिर, छाती और पेट पर वार किया। जब उनकी मौत हो गई, तो शव को सेप्टिक टैंक में दफना दिया गया ताकि सबूत मिटाए जा सकें।

ये भी पढ़ें:  छत्तीसगढ़ में निवेश का बड़ा अवसर: अहमदाबाद में मिला 33 हजार करोड़ का प्रस्ताव, CM साय ने कहा- प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा

पत्रकार समुदाय में आक्रोश

इस घटना ने पूरे पत्रकार समुदाय को झकझोर कर रख दिया था। पत्रकार संगठनों ने बीजापुर से लेकर रायपुर तक कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। अब जब हाईकोर्ट ने आरोपी दिनेश की जमानत याचिका खारिज कर दी है, तो इसे पीड़ित परिवार और पत्रकार समुदाय ने न्याय की दिशा में एक अहम कदम बताया है।

ये भी पढ़ें:  सुकमा: माड़वी हिड़मा की मां ने मार्मिक अपील- कहां हो, लौट आओ, साथ रहकर जी लेंगे

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article