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नयी दिल्ली, चार जनवरी (भाषा) समुद्री निकाय एमयूआई ने सोमवार को कहा कि विभिन्न चीनी बंदरगाहों पर मालवाहक जहाजों में फंसे भारतीय नाविकों की शीघ्र रिहाई के वास्ते दबाव बनाने लिए उसने यहां चीनी दूतावास के सामने मौन प्रदर्शन करने की योजना बनायी है।
सरकार ने पिछले सप्ताह कहा था कि चीन में फंसे 39 नाविकों को शीघ्र ही वापस लाया जाएगा और इस संबंध में पड़ोसी देश के साथ राजनयिक स्तर पर बातचीत चल रही है।
मर्चेंट नेवी के अधिकारियों के सबसे पुराने संगठन मैरीटाईम यूनियन ऑफ इंडिया (एमयूआई) ने सरकार से 11 जनवरी को चीनी दूतावास के सामने मौन प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी है।
उसने एक बयान में कहा कि पिछले छह महीने से चीनी बंदरगाहों--काओफीडियान, जिंगतांग, बायीकुआन पर 40 से अधिक जहाजों में भारतीय नाविक फंसे हुए हैं।
उसने कहा, ‘‘ दुर्भाग्य से चीन सरकार आस्ट्रेलिया जैसे देशों से भेजे गये माल को उतारने के लिए जहाजों को बंदरगाहों पर नहीं जाने दे रही है।’’
ये भारतीय नाविक विस्तारित अनुबंध पर इन जहाजों पर कार्यरत हैं।
बयान के अनुसार भारतीय नाविकों के परिवार इस कोरोना वायरस महमारी के दौरान बहुत पेरशान रहे और वे एमयूआई से मदद की गुहार लगाते रहे। एमयूआई का कहना है कि भारतीय नाविक मानसिक थकान, तनाव, मनोवैज्ञानिक मुद्दों से जूझ रहे हैं और चीनी प्रशासन उन्हें जहाजों पर ही बने रहने के लिए बाध्य कर रहे हैं।
एमूयआई महासचिव अमर सिंह ठाकुर ने कहा, ‘‘ हमने 11 जनवरी को नयी दिल्ली में चीन के दूतावास के सामने प्रदर्शन की योजना बनायी है। हमने नयी दिल्ली पुलिस से इस प्रदर्शन की इजाजत मांगी है क्योंकि एमयूआई के 100 से अधिक सदस्य एक दूसरे से दूरी, मास्क, सेनेटाईजर आदि के इस्तेमाल के साथ प्रस्तावित धरने में भाग लेंगे।’’
एमयूआई ने इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के नयी दिल्ली कार्यालय से भारतीय नाविकों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी में सहयोग मांगा है।
भाषा
राजकुमार उमा
उमा
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