MPPSC Formant Change: अब इंटरव्यू में कैंडिडेट्स को नहीं बतानी होगी जाति, लोक सेवा आयोग ने फॉर्मेट से कम किए 4 पेज

MPPSC Formant Change: एमपीपीएससी ने राज्य सेवा परीक्षा 2023 के इंटरव्यू के लिए फॉर्मेट में बड़ा बदलाव किया है। अब उम्मीदवारों को केवल 1 पेज की जानकारी देनी होगी। जाति और सरनेम नहीं पूछे जाएंगे।

MPPSC Formant Change

MPPSC Formant Change

हाइलाइट्स

  • एमपीपीएससी के इंटरव्यू के फॉर्मेट में बदलाव
  • अब पांच की जगह एक पेज में देनी होगी जानकारी
  • फाॅर्म में से मिडिल और सरनेम का कॉलम हटाया

MPPSC Formant Change: मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग (MPPSC) ने इंटरव्यू के दौरान ली जाने वाली जानकारी का फॉर्मेंट सरल और छोटा कर दिया है। पहले 5 पन्नों का फॉर्मेंट था। जिसमें से 4 पेज कम कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक अब कैंडिडेट्स को इंटव्यू के लिए सिर्फ एक पेज का ही फॉर्मेट भरना होगा।

लम्बे समय से कैंडिडेट्स भेदभाव के आरोप लगा रहे थे। उनका दावा था कि पीएससी बोर्ड में इंटरव्यू के अंक सरनेम, कैटेगरी जैसी बातों के आधार पर तय किए जाते हैं।

एक पेज का नया फॉर्मेट जारी

मप्र लोक सेवा आयोग के ओएसडी डॉ. रविंद्र पंचभाई ने बताया कि इंटरव्यू के लिए भरे जाने वाले नए फॉर्मेंट को जारी कर दिया है। राज्य सेवा परीक्षा 2023 के इंटरव्यू तय समय पर 7 जुलाई से ही होंगे।

उन्होंने बताया कि इस नए फॉर्मेंट को काफी सरल और छोटा गया गया है और इसमें कैंडिडेट्स की कैटेगरी, सरनेम आदि की जानकारी की जरूरत नहीं है। आयोग पूरी पारदर्शिता के साथ काम करता है। कैंडिडेट्स की ओर से जो भी बातें संज्ञान में लाई जाती हैं और सुझाव आते हैं। उन पर आयोग विचार कर समय-समय पर बदलाव करता है।

फॉर्म में से मिडिल और सरनेम हटाया

हर कैंडिडेट का एक कोड होगा जो आयोग फॉर्म पर लिखेगा। कैंडिडेट्स का नाम बिना मिडिल और सरनेम के होगा। निवास स्थान और केवल शहर का नाम होगा। शैक्षणिक योग्यता होगी। एक्स्ट्रा करिकुलर, NCC, NSS की जानकारी देना होगी।

फॉर्म में विशेष योग्यता, कार्यानुभव, उपलब्धि के बारे में जानकारी देनी होगी। सेवा में है तो उसका विवरण भरना होगा। हॉबीज और अतिरिक्त जानकारी देना होगी। साथ ही शासकीय सेवा में आने का उद्देश्य बताना होगी। बता दें कि कैंडिडेट्स द्वारा एक पेज में दी गई इसी जानकारी को इंटरव्यू बोर्ड में दिया जाएगा।

फॉर्म में से मिडिल और सरनेम हटाया

हर कैंडिडेट का एक कोड होगा जो आयोग फॉर्म पर लिखेगा। कैंडिडेट्स का नाम बिना मिडिल और सरनेम के होगा। निवास स्थान और केवल शहर का नाम होगा। शैक्षणिक योग्यता होगी। एक्स्ट्रा करिकुलर, NCC, NSS की जानकारी देना होगी।

फॉर्म में विशेष योग्यता, कार्यानुभव, उपलब्धि के बारे में जानकारी देनी होगी। सेवा में है तो उसका विवरण भरना होगा। हॉबीज और अतिरिक्त जानकारी देना होगी। साथ ही शासकीय सेवा में आने का उद्देश्य बताना होगी। बता दें कि कैंडिडेट्स द्वारा एक पेज में दी गई इसी जानकारी को इंटरव्यू बोर्ड में दिया जाएगा।

ये भी पढ़ें:  MP Weather Update: भिंड और मऊगंज की ओर बढ़ रहा मानसून, 30 से अधिक जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

नेता और अधिकारी के बेटे को अधिक अंक मिलने के लगे थे आरोप

लोक सेवा आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि लिखित परीक्षा में अधिक अंकों के बाद भी कई कैंडिडेट्स इंटरव्यू में कम अंकों के चलते टॉपर नहीं बन पाते हैं। कई बार इन्हें डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी जैसे पद की जगह कुल अंक कम हो जाने से नीचे तृतीय श्रेणी के पदों पर पहुंच जाते हैं।

कैंडिडेट्स द्वारा इसमें लगातार आरोप लगाए जा रहे थे कि पीएससी के बोर्ड द्वारा उम्मीदवारों के साथ भेदभाव किया जाता है और सरनेम, कैटेगरी जैसी बातों से भी अंक तय किए जाते हैं। यह भी आरोप लगे थे कि यदि प्रभावी व्यक्ति, नेता, अधिकारी का बेटा है तो उसे भी अधिक अंक मिल जाते हैं।

ऐसी ही ताजा खबरों के लिए बंसल न्यूज से जुड़े रहें और हमें XFacebookWhatsAppInstagram पर फॉलो करें। हमारे यू-ट्यूब चैनल Bansal News MPCG को सब्सक्राइब करें।

Railway Employee CBI Raid: बेटे की शादी में खूब उड़ाया पैसा, ऐसे हुआ रिटायर्ड लोको पायलट की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा

Railway Employee CBI Raid Update

Railway Employee CBI Raid Update: भारतीय रेलवे (WCR) में लोको पायलट रहे अशोक शर्मा के यहां CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) रेड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि अशोक शर्मा ने अपने बेटे की शादी में पानी की तरह पैसा बहाया। साथ ही CBI को शुरुआती इन्वेटीगेशन में अशोक शर्मा के पास आय से 63.85 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिली है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article