Maha Shivratri 2022 Khandwa Omkaleshwar : नर्मदा की धाराओं से बन गया था टापू, इसी पर विराजमान हैं महादेव

खंडवा। ओंकारेश्वर को देश के 12 ज्योतिर्लिंगों Maha Shivratri 2022 Khandwa Omkaleshwar में चौथे स्थान पर माना जाता है। नर्मदा नदी के किनारे ओंकारेश्वर तीर्थ अलौकिक है। कहते हैं कि नर्मदा नदी के दो धाराओं के बंटने से एक टापू का निर्माण हुआ था। जिसका नाम मांधाता पर्वत पड़ा। इसी पर्वत पर भगवान ओंकारेश्वर महादेव विराजमान हैं। कहते हैं जो इस तीर्थ में पहुंच कर अन्नदान, तप, पूजा करता है। उसे भगवान शिव के लोक में स्थान प्राप्त होता है। पंडित रविन्द्र शर्मा के अनुसार इस क्षेत्र में कुल 68 तीर्थ हैं और यहां समस्त 33 करोड़ देवी-देवताओं का निवास माना जाता है। महाशिवरात्रि पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ जमा हो गई।

सावन हो या फिर महाशिवरात्रि इन पर्वों पर देश ही नहीं बल्कि विश्वभर से शिव के भक्त ओंकारेश्वर में दर्शन को आते हैं। ओंकारेश्वर में माँ नर्मदा और कावेरी का संगम होता है। यहां आने वाले भक्त सबसे पहले माँ नर्मदा में स्नान करते है, उसके बाद भगवान शिव के दर्शनहोते हैं।ओंकारेश्वर के विकास और इसे श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं।

इसलिए रखते हैं सोमवार का व्रत
कहा जाता है कि भगवान शंकर को पाने के लिए माता पार्वती ने 16 सोमवार का व्रत रखा था। इसी परंपरा के चलते अच्छे वर के लिए कन्याएं सोलह सोमवार का व्रत रखती हैं। कोरोनाकाल के दौराैन लगी पाबंदियों के हटने से इस बार श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।

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