MP Weather Update: पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने मध्यप्रदेश में बढ़ाई ठंड, कई शहरों में 10 डिग्री से नीचे तापमान

MP Weather Update: मध्यप्रदेश में नवंबर की शुरुआत में ही बर्फीली हवाओं से ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राजगढ़ सबसे ठंडा रहा, जबकि भोपाल और इंदौर समेत कई जिलों में शीतलहर का असर जारी है।

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हाइलाइट्स

  • MP को बर्फीली हवाओं ने ठिठुराया
  • 10 डिग्री से नीचे कई शहरों का पारा
  • इंदौर में रिकॉर्डतोड़ सर्दी

MP Weather Update: पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं से पूरा मध्यप्रदेश ठिठुर गया है और नवंबर में ही ठंड रिकॉर्ड तोड़ रही है। शुक्रवार-शनिवार की रात कई शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। राजगढ़ सबसे ठंडा बना रहा तो भोपाल और इंदौर में तापमान में खासी गिरावट हुई।

कोल्ड वेव का अलर्ट

कई शहरों में कोल्ड वेव (शीतलहर) का भी असर देखने को मिल रहा है। शनिवार को भोपाल, राजगढ़, उज्जैन, इंदौर, देवास, सीहोर, शाजापुर, सतना और रीवा में दिन में ठंडी हवाएं चली। रविवार को इन जिलों के साथ पन्ना में भी कोल्ड वेव का असर बना रहेगा। 10 नवंबर को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, देवास, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना और रीवा में कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चलने का अलर्ट है।

इंदौर में इतनी सर्दी कभी नहीं पड़ी

इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा सर्दी शुक्रवार-शनिवार की रात में कई शहरों में रिकॉर्ड ठंड रही। इंदौर में पिछले 25 साल में नवंबर में इतनी सर्दी कभी नहीं पड़ी। यहां नवंबर की ठंड का ओवरऑल रिकॉर्ड 1938 का है। जब पारा 5.6 डिग्री पर पहुंचा था। भोपाल में पारा 8.4 डिग्री रहा। यह 10 साल में दूसरा सबसे कम तापमान रहा। पिछले साल पारा 8.2 डिग्री पर रह चुका है। ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 10.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 12.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

[caption id="attachment_928223" align="alignnone" width="996"]Madhya Pradesh cold wave MP के कई शहरों में कोल्ड वेव[/caption]

राजगढ़ सबसे ठंडा

राजगढ़ में लगातार दूसरी रात प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 7.4 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, रायसेन में 10 डिग्री, उमरिया में 10.2 डिग्री, नौगांव में 10.7 डिग्री, गुना में 11.2 डिग्री, सागर में 11.6 डिग्री, बैतूल में 13 डिग्री, धार-श्योपुर में 12 डिग्री, रतलाम-दमोह में 12.2 डिग्री।

सतना में 12.6 डिग्री, दतिया में 12.9 डिग्री, सीधी में 13 डिग्री, मंडला में 13.1 डिग्री, खजुराहो-छिंदवाड़ा में 13.2 डिग्री, टीकमगढ़ में 13.5 डिग्री, खंडवा में 14 डिग्री, नर्मदापुरम में 14.3 डिग्री, खरगोन में 15.2 डिग्री, शिवपुरी-नरसिंहपुर में 15.4 डिग्री रहा। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 15.4 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी शहरों से पचमढ़ी में पारा ज्यादा रहा।

क्यों बढ़ रही ठंड

जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल में बर्फबारी हो रही है। इस वजह से उत्तरी हवाएं मध्यप्रदेश में आ रही है। मौसम विभाग का मानना है कि नवंबर में पहले ही दौर में तेज ठंड शुरू हो गई है, जो अब लगातार रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार अब ठंड के साथ कोहरा भी बढ़ेगा। फिलहाल देर रात और अल सुबह ठंड का असर ज्यादा है। वहीं, सुबह हल्का कोहरा भी है, जो आने वाले दिनों में बढ़ जाएगा। अभी मंडला में सबसे कम 1-2 किलोमीटर विजिबिलिटी मंडला में देखने को मिली है। जबलपुर, रीवा और सतना में यह 2 से 4 किलोमीटर रही।

[caption id="attachment_928224" align="alignnone" width="1002"]mp cold पहाड़ों की बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई सर्दी[/caption]

भोपाल में दिन ठंडे

रात के साथ दिन में भी ठंडक, पारा लुढ़का रात के अलावा दिन में भी ठंडक घुलने लगी है। शनिवार को ज्यादातर शहरों में तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। आने वाले दिनों में तापमान में और भी गिरावट होने की संभावना है। प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, छतरपुर, नरसिंहपुर समेत कई शहरों में पारा 24 डिग्री के नीचे ही रहा।

नवंबर में बारिश के आसार

मौसम मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में ठंड का असर बढ़ेगा। हुआ भी वैसा ही। पारे में खासी गिरावट देखने को मिल रही है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में, जहां उत्तरी हवाएं सीधी आती हैं, वहां पारा लुढ़केगा। ग्वालियर में 56 साल पहले नवंबर में रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। उज्जैन में 52 साल पहले न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 2.3 डिग्री तक जा चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर में इस महीने बारिश का ट्रेंड है। इस बार नवंबर के पहले तीसरे और चौथे सप्ताह में सिस्टम एक्टिव होने से भी बारिश हो सकती है।

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