MP Weather Update: एमपी में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन समेत कई जिलों में बिगड़ा मौसम...

MP Weather Update: मध्यप्रदेश में सक्रिय वेदर सिस्टम के कारण दो दिन तक गरज-चमक के साथ बारिश हुई और ओले गिरे।

MP Weather Update: एमपी में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन समेत कई जिलों में बिगड़ा मौसम...

MP Weather Update: मध्यप्रदेश में सक्रिय वेदर सिस्टम के कारण दो दिन तक गरज-चमक के साथ बारिश हुई और ओले गिरे। पिछले 24 घंटे में 10 जिलों में ओलावृष्टि हुई। वहीं, 100 से ज्यादा स्थानों पर बरसात हुई।

सोमवार को 12 जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा के आसार हैं। इसके बाद मौसम साफ होते ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होगा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिन तक ग्वालियर, चंबल और उज्जैन में घना कोहरा छाया रहेगा।

मझौली में हुई सर्वाधिक बारिश

पश्चिमी-उत्तरी भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टबरेंस के कारण पिछले दो से मौसम बदला रहा। इसके असर राज्य में रहा। शनिवार और रविवार को मझौली में सबसे ज्यादा 65.4 मिमी बारिश हुई।

इसके अलावा बड़वारा में 60, बाड़ी में 59, पावी में 56, उमरिया में 55, सीहोरा में 54, पाटन में 41, उदयपुरा में 42, सागर में 25, सिवनी में 18, छतरपुप में 12, खजुराहो में 12, पन्ना में 10, नौगांव में 10 और कटनी में 10.2 मिमी बारिश हुई। दो दिन से छाए बादल और वर्षा से दिन के तापमान में गिरावट हुई है।

इन जिलों में ओले गिरे

पिछले 24 घंटे में विदिशा, रायसेन, खंडवा, भोपाल, जबलपुर, नरसिंहपुर, कटनी, मऊगंज, दमोह और सिवनी में ओले गिरे।

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़ सहित एमपी के अन्य जिलों में कोहरा छाए रहने के आसार हैं।

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इन जिलों में बारिश की संभावना

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक सोमवार को बैतूल, सिंगरौली, सीधी, अनूपपुर, उमरिया, डिंडौरी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में हल्की बारिश की संभावना है।

मौसम प्रणाली सिस्टम

मौसम विभाग के अनुसार, पाकिस्तान व उससे सटे जम्मू-कश्मीर पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ गया है। फिलहाल कमजोर पड़कर उत्तर-पश्चिमी यूपी में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना है।

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पूर्वी राजस्थान और उसके आसपास एक चक्रवात एक्टिव है। पूर्वी राजस्थान से लेकर गुजरात तक द्रोणिका बनी है। उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम 12.6 किमी की ऊंचाई पर पश्चिम से पूर्व की तरफ 203 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चल रही है।

3 जनवरी 2025 से नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंच सकता है। मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने कहा कि वेदर सिस्टम कमजोर पड़ चुकी हैं। हवाओं का रुख बदला है। अब रात्रि के तापमान में गिरावट होगी।

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