MP Weather Forcast : 30 दिसंबर के बाद भोपाल-इंदौर में छाएंगे बादल! जानें अगले दो दिन कैसे रहेंगे मौसम के मिजाज

MP Weather Forcast : 30 दिसंबर के बाद भोपाल-इंदौर में छाएंगे बादल! जानें अगले दो दिन कैसे रहेंगे मौसम के मिजाज

भोपाल। MP Weather Forcast एमपी में इस सीजन की ठंड का असर दिखाई देने लगा है। MP weather अब केवल सुबह-शाम नहीं ​बल्कि दिन में भी ठंड का अहसास होने लगा हैं। वैसे तो पूरा प्रदेश ठंड से कांप रहा है लेकिन मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड इलाकों में इसका असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। नौगांव में पारा 4 डिग्री पहुंच गया है। लोगों ने अलाव का सहारा लेना शुरू कर दिया है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड और बघेलखंड में जबरदस्त कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। तो वहीं कुछ जिलों में घना कोहरा छाने की आशंका के चलते आरेंज एलर्ट के साथ चेतावनी भी जारी कर दी है।

इन जिलों में छाएगा कोहरा —
मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के 6 जिलों में घने कोहरे का आरेंज और 5 जिलों में मध्यम कोहरे का यलो अलर्ट जारी कर दिया है। आईएमडी ने जो पूर्वानुमान लगाया है उसके अनुसार भिंड मुरैना, श्योपुर कलां, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया में घने कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है तो वहीं मध्यम कोहरे की बात करें तो दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ निवाणी में मध्यम कोहरा छा सकता है। आने वाले 72 घंटों तक मौसम में कोई परिवर्तन नहीं होगा। इसके बाद एक बार फिर तापमान में क्रमिक गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि अगले 48 घंटों के दौरान मौसम में फिर बदलाव होगा। 30 दिसंबर को भोपाल और इंदौर समेत प्रदेश के कुछ इलाकों में बादल छा सकते हैं।

यह सिस्टम है सक्रिय
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान मध्य प्रदेश के न्यूनतम तापमान में थोड़ा अंतर आएगा। लेकिन उसके बाद 2-3 डिग्री सेल्सियस हो सकती है। दिसंबर के अंतिम दिनों में प्रदेश के हिस्सों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में निचले और मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान और आसपास के क्षेत्रों पर विद्यमान है। दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर स्थित डिप्रेशन पूर्व-उत्तर की ओर चला गया है।
इसके धीरे-धीरे आगे बढ़ने के आसार हैं। इसके बाद संभवत: उसी जगह पर एक लूप बनाकर अगले 48 घंटों के दौरान पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर श्रीलंका में कोमोरिन क्षेत्र की ओर बढ़ें। तो वहीं इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर उच्च नमी और हल्की हवाएं असर दिखाएंगी। जिसके चलते उत्तर भारत में घना कोहरा छाया है।

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