MP Tiger News: भोपाल के वन विहार लाए गए बाघ शावक; दोनों की हालत गंभीर, डॉक्टर्स बोले- खाना खाया तो बच जाएंगे

MP Tiger News: मप्र के बुदनी से रेस्क्यू करके विशेष ट्रेन से इलाज के लिए दो मादा बाघ शावकों को भोपाल के वन विहार लाया गया। हालत गंभीर है।

MP Tiger News: भोपाल के वन विहार लाए गए बाघ शावक; दोनों की हालत गंभीर, डॉक्टर्स बोले- खाना खाया तो बच जाएंगे

MP Tiger News: मध्यप्रदेश के बुदनी चौका मिडघाट से देश में पहली बार विशेष ट्रेन से रेस्क्यू करके दोनों मादा बाघ शावकों को भोपाल के वन विहार में आईसीयू में इलाज किया जा रहा है। बुधवार दोनों शावक का मेडिकल चेकअप किया गया था। यह दोनों मादा बाघ हैं जिनकी आयु करीबन 9 माह है। वन विहार के डॉक्टर्स दोनों मादा शावक बाघ को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

डॉक्टर ने बुधवार को शावकों को बेहोश करके आंतरिक अंगों का परीक्षण किया। मेडिकल जांच में पाया गया कि उनकी रीढ़ की हड्डी व पेल्विक गर्डल पर मल्टीपल फ्रैक्चर आए हैं। इससे उनके पैरों में लकवा हो गया। वहीं, डॉक्टर्स का कहना है कि दोनों मादा शावकों की हालत गंभीर बनी हुई हैं।

खाना खाया तो बचेंगे शावक!

दोनों शावकों के इलाज को लेकर वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. अतुल गुप्ता समेत डॉक्टर्स की टीम इनका इलाज कर रही है। शावकों को आईवी फ्लूड के जरिए दवाएं खिलाई जा रही हैं। शावकों को गुरुवार को मीट और चिकन भी खिलाया गया था। डॉक्टर्स का कहना है कि अगर दोनों बाघ शावक खाना खा लेते हैं तो उनके बचने की उम्मीद बढ़ जाएगी, लेकिन अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनके बचने की उम्मीद थोड़ी कम रहेगी। सीसीएफ राजेश खरे का इसको लेकर कहना है कि शावकों की मां का उसी इलाके में मूवमेंट है। उस पर ट्रैप कैमरे से नजर रखी जा रही है।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि दो दिन पहले बुधनी में मिडघाट पर तीन बाघ ट्रेन हादसे का शिकार हो गए थे। इसमें एक बाघ की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि दो बाघ घायल गो गए थे। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग की टीम ने मृत बाघ का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था जबकि दोनों घायल शावकों को रेस्क्यू कर उपचार किया। वन विभाग की टीम ने शावकों के बेहतर उपचार के लिए विशेष ट्रेन से राजधानी भोपाल के वन विहार रेफर कर दिया था, जहां उनका इलाज जारी है।

बता दें कि यह पहला मामला नहीं है पर बुधनी मिडघाट पर ट्रेस से टकराकर किसी बाघ की मौत हो गई हो। इस घटनाओं की रोकथाम के लिए बुधनी मिडघाट पर बाघ सहित दूसरे वन्य जीवों के साथ ऐसी घटना को रोकने के लिए बड़े स्तर पर बेरिकेडिंग भी की गई थी, लेकिन उसका कोई असर देखने को अभी तक नहीं मिला है। सोमवार को भी एक बार फिर बाघ ट्रेन हादसे का शिकार हो गए, जिसमें एक की मौत हो गई। जबकि दो घायल हैं।

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