MP Tech Growth Conclave 2.0: सीएम मोहन का बड़ा ऐलान, भोपाल में 2000 एकड़ में विकसित होगी “नॉलेज एंड एआई सिटी”

इंदौर में आयोजित मध्य प्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राजधानी भोपाल में “नॉलेज एंड एआई सिटी” विकसित की जाएगी। इस सिटी में विश्वस्तरीय संस्थान, एआई फैक्ट्री, टेक स्टार्टअप्स और स्मार्ट इंडस्ट्रीज़ की स्थापना होगी।

MP Tech Growth Conclave 2.0: सीएम मोहन का बड़ा ऐलान, भोपाल में 2000 एकड़ में विकसित होगी “नॉलेज एंड एआई सिटी”

हाइलाइट्स

  • एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में सीएम मोहन बड़ी की घोषणा।
  • भोपाल में विकसित होगी हाईटेक नॉलेज एंड एआई सिटी।
  • स्पेस टेक पॉलिसी और साइंस सिटी परियोजना की भी घोषणा।

MP Tech Growth Conclave 2.0: मध्य प्रदेश अब तकनीकी और औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। इंदौर में आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 (MP Tech Growth Conclave 2.0) में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के लिए कई ऐतिहासिक घोषणाएँ कीं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रदेश की अर्थव्यवस्था, निवेश और युवाओं के रोजगार के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

सीएम ने कहा कहा कि टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव एमपी के भविष्य का घोषणा पत्र है। साथ ही उन्होंने राजधानी भोपाल में 2000 एकड़ भूमि पर “नॉलेज एंड एआई सिटी” विकसित करने की ऐतिहासिक घोषणा भी की। इस सिटी में विश्वस्तरीय संस्थान, एआई फैक्ट्री, टेक स्टार्टअप्स और स्मार्ट इंडस्ट्रीज़ की स्थापना होगी। इसके साथ ही सीएम ने स्पेस टेक पॉलिसी-2025 और साइंस सिटी परियोजना की भी घोषणा की, जो राज्य को तकनीकी नवाचार और डिजिटल विकास की दिशा में नई ऊंचाई पर ले जाएगी।

सीएम मोहन ने की ऐतिहासिक घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की राजधानी भोपाल के लिए एक दूरदर्शी और युगान्तकारी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि भोपाल में 2000 एकड़ भूमि पर एक अत्याधुनिक "नॉलेज एंड एआई सिटी" विकसित की जाएगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री ने इंदौर में आयोजित टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में मीडिया को संबोधित करते हुए की।

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हाईटेक मॉडल पर आधारित होगा नया केंद्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल में 2000 एकड़ भूमि पर एक “नॉलेज एंड एआई सिटी” विकसित की जाएगी। यह भारत की सबसे बड़ी टेक-आधारित स्मार्ट सिटी में से एक होगी, इसमें निम्नलिखित प्रमुख तत्व एकीकृत किए जाएंगे।

  • विश्वस्तरीय संस्थान: उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए केंद्र।
  • अनुसंधान केन्द्र: नवाचार को बढ़ावा देने के लिए रिसर्च फैसिलिटीज।
  • एआई फैक्ट्री: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर केंद्रित उत्पादन इकाईयाँ।
  • टेक-स्टार्ट-अप्स: युवाओं के लिए प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन।
  • स्मार्ट इंडस्ट्रीज़: टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों की स्थापना।

स्पेस टेक और साइंस सिटी परियोजना

मुख्यमंत्री ने अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी कीं जो राज्य के तकनीकी भविष्य को आकार देंगी।

स्पेस टेक पॉलिसी-2025: उन्होंने कहा कि राज्य जल्द ही अपनी स्पेस टेक पॉलिसी-2025 लागू करेगा। इसका उद्देश्य सैटेलाइट डेटा, रिमोट सेंसिंग और स्पेस-स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देना है।

साइंस सिटी: युवाओं और विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए 25 एकड़ भूमि पर साइंस सिटी परियोजना के लिए आवंटन किया जा रहा है। यह केंद्र आने वाले वर्षों में विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनेगा।

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कमाल का भोपाल अभियान को मिली नई पहचान

राजधानी में एआई सिटी विकसित करने की यह घोषणा, पिछले एक वर्ष से चल रहे नागरिक अभियान 'कमाल का भोपाल' की ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था और टेक-इनोवेशन हब बनाने की दृष्टि के अनुरूप है।

अभियान के फाउंडर मनोज मीक ने इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री जी का यह विज़न राजधानी के भविष्य को नई दिशा देता है। 'कमाल का भोपाल' अभियान की ओर से हम मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के दूरदर्शी नेतृत्व के लिए आभार व्यक्त करते हैं। यह घोषणा निश्चित रूप से भोपाल को भारतीय टेक्नोलॉजी मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाएगी।"

नॉलेज एण्ड एआई सिटी, साइंस सिटी और नई स्पेस टेक पॉलिसी के साथ, भोपाल अब ज्ञान-ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में तेज़ी से आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

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उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित “मध्य प्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0” में शिरकत की। इस आयोजन का उद्देश्य राज्य में तकनीकी नवाचार, निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन बैठक की, जिसमें निवेश और तकनीकी सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा की गई।

15,896 करोड़ का निवेश और 64 हजार रोजगार

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस कॉन्क्लेव के माध्यम से 15,896 करोड़ रुपये का निवेश मध्य प्रदेश में आएगा और लगभग 64,085 लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। यह निवेश प्रदेश की अर्थव्यवस्था और तकनीकी सेक्टर के लिए एक नई दिशा तय करेगा।

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