एमपी टीचर्स ई-अटेंडेंस मामला: टीचर्स ने हाईकोर्ट में कहा-डेटा नहीं खरीद सकते, हमारे पास अच्छा स्मार्टफोन नहीं

Madhya Pradesh Teachers E Attendance Case Update: मध्यप्रदेश के शिक्षकों की ई-अटेंडेंस का मामला जबलपुर हाईकोर्ट पहुंच गया है। जहां शिक्षकों ने सरकारी ऐप 'हमारे शिक्षक' से अटेंडेंस लगाने में आ रही दिक्कतों को कोर्ट में बताया।

MP Teachers Attendance

हाइलाइट्स

  • हमारे शिक्षक' एप में तकनीकी दिक्कतें
  • टीचर्स को मोबाइल, नेटवर्क समस्याएं बताईं
  • हाईकोर्ट ने सरकार से एप रिकॉर्ड मांगा

MP Teachers Attendance: मध्यप्रदेश के शिक्षकों की ई-अटेंडेंस का मामला जबलपुर हाईकोर्ट पहुंच गया है। जहां शिक्षकों ने सरकारी ऐप 'हमारे शिक्षक' से अटेंडेंस लगाने में आ रही दिक्कतों को कोर्ट में बताया। कहा- कई टीचर्स के पास अच्छा स्मार्टफोन नहीं है। हर महीने डेटा पैक खरीदना पड़ता है। प्रतिदिन मोबाइल की बैटरी चार्ज रखना और ग्रामीण इलाके के स्कूलों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की भी समस्या है। एप में सर्वर और चेहरा मिलान की भी परेशानी आ रही है। मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की मुख्य पीठ ने सरकार से एप का रिकॉर्ड मांगा है। अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को नियत की है।

हाईकोर्ट में शिक्षकों की शिकायत

मध्य प्रदेश के कई शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सरकारी एप 'हमारे शिक्षक' के माध्यम से अटेंडेंस दर्ज करने में आ रही समस्याओं को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता शिक्षकों का कहना है-

  • कई शिक्षकों के पास हाई-एंड स्मार्टफोन नहीं है।
  • हर महीने डेटा पैक खरीदना पड़ता है।
  • मोबाइल की बैटरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या।
  • ऐप में सर्वर स्लो है और चेहरे मिलान (Face Recognition) में दिक्कतें आ रही हैं।

इस मामले में जबलपुर हाईकोर्ट की मुख्य पीठ ने सरकार से एप का रिकॉर्ड मांगा है। अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2025 को होगी।

याचिका के अनुसार, जबलपुर के शिक्षक मुकेश सिंह बरकड़े सहित 27 टीचर्स ने अलग-अलग जिलों से स्कूल शिक्षा विभाग की ई-अटेंडेंस प्रक्रिया को चुनौती दी है।

सरकार बोली- 73% शिक्षक कर रहे एप से जुड़े

सरकार की ओर से अदालत में बताया गया कि प्रदेश के 73% टीचर्स एप का उपयोग कर रहे हैं, जबकि याचिकाकर्ताओं के वकील अंशुमान सिंह ने कई तकनीकी और प्रशासनिक परेशानियों को सामने रखा।

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