बीएड योग्यताधारी शिक्षकों की जाएगी नौकरी: 341 प्राइमरी शिक्षक सिर्फ एक साल रह पाए गुरुजी, अब इस कारण से नियुक्ति होगी निरस्त

MP Teacher Bharti Issue: सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के पालन में मध्य प्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय की बड़ी कार्रवाई

MP Teacher Bharti Issue

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MP Teacher Bharti Issue: प्राथमिक शिक्षक यानी वर्ग 3 भर्ती 2020 के कई शिक्षकों की नौकरी पर संकट आ गया है। लोक शिक्षण संचालनालय यानी डीपीआई के एक ऑर्डर के अनुसार 11 अगस्त 2023 के बाद नियुक्त हुए बीएडधारी प्राइमरी शिक्षकों की नौकरी निरस्त करने की बात कही गई है।

पहले मामला जान लीजिए

पूरा मामला प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 से जुड़ा हुआ है। भर्ती के लिये योग्यता डीएलएड थी, लेकिन इसमें बीएडधारी उम्मीदवार भी शामिल हो गए। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देकर एमपी हाईकोर्ट में मामला पहुंचा।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के आदेश और एमपी हाईकोर्ट के ऑर्डर के परिपालन में डीपीआई ने 28 अगस्त 2024 को आदेश जारी किया। जिसमें बीएडधारी शिक्षकों की नियुक्ति निरस्त करने की बात कही गई।

क्या है सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का आदेश

प्राथमिक शिक्षक की व्यावसायिक योग्यता बीएड के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त 2023 को पारित आदेश में एनसीटीई की अधिसूचना 28 जून 2018 को निरस्त किया है। इस निर्णय के आधार पर बीएड योग्यताधारी उम्मीदवार प्राथमिक शिक्षक के लिए पात्र नहीं होंगे।

बीएड योग्यताधारी उम्मीदवारों को प्राथमिक शिक्षक नियोजन में सम्मिलित नहीं करने संबंधित याचिका डब्ल्यूपी 4968/2022 एवं अन्य समरूप याचिकाओं में हाईकोर्ट जबलपुर में पारित आदेश 3 मई 2024 में यह निर्णय दिया गया है कि 11 अगस्त 2023 के पूर्व नियुक्त बीएड योग्यताधारी प्राथमिक शिक्षक की अभ्यर्थिता को ही मान्य किया जाए।

विभाग ने ये आदेश किया जारी

लोक शिक्षण संचालनालय ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों के पालन में 28 अगस्त 2024 को ये ऑर्डर जारी किया कि 11 अगस्त 2023 के बाद नियुक्त बीएड योग्यताधारी उम्मीदवारों की प्राथमिक शिक्षक पदों पर नियुक्ति मान्य नहीं होगी।

जिला शिक्षा अधिकारी ऐसे शिक्षकों को चिन्हित कर तत्काल उनकी नियुक्ति निरस्त करें। आदेश में ये भी कहा गया कि किसी उम्मीदवार की योग्यता में त्रुटिवश बीएड के स्थान पर डीएड लिखा है तो उसकी नियुक्ति भी निरस्त करनी होगी।

सिर्फ 24 जिलों के डीईओ को इसलिए जारी हुए आदेश

डीपीआई की ओर से जारी आदेश को आगर मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, छतरपुर, दमोह, डिंडौरी, गुना, कटनी, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नरसिंहपुर, शामिल हैं। इसके साथ ही नीमच, निवाड़ी, पन्ना, रायसेन, रतलाम, सागर, श्योपुर, शिवपुरी, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उज्जैन और विदिशा के जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी किये गए हैं।

इन्हीं जिलों का चयन सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि अगस्त 2023 में वर्ग 3 के शिक्षकों की नियुक्ति इन्हीं 24 जिलों में की गई थी। नाम न छापने की शर्त पर शिक्षकों ने जो बताया वो बेहद चौंकाने वाला है।

341 शिक्षकों की नियुक्ति पर खतरा

प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 के अंतर्गत द्वितीय काउंसलिंग में 5500 शिक्षकों को अगस्त 2023 में ज्वाइनिंग दी गई। ये वे शिक्षक थे जिनके डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन और च्वाइस फिलिंग का काम अप्रैल से मई 2023 में पूरा कर लिया गया था, बस ज्वाइनिंग भर नहीं दी गई थी। इन सभी शिक्षकों को ज्वाइनिंग लेटर एक ही दिन 10 अगस्त 2023 को जारी कर दिये गए।

जिसके बाद शिक्षकों ने 17 अगस्त तक अपने अपने स्कूलों में आमद दी। हालांकि बाद में ज्वाइनिंग नहीं देने पर वेटिंग लिस्ट क्लीयर की गई और कई शिक्षकों को नियुक्ति मिली। बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश में बीएड की योग्यता के आधार पर प्राइमरी स्कूलों में पदस्थ 341 शिक्षकों की नौकरी पर बड़ा संकट आ गया है।

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