पदवृद्धि की मांग जायज: अनारक्षित वर्ग में MP से ज्यादा अन्य राज्यों के कैंडिडेट्स बनेंगे शिक्षक, इन सब्जेक्ट के ये हाल!

MP Teacher Bharti 2024: वर्ग 1 शिक्षक भर्ती में कम पद होने से मध्य प्रदेश के कई युवा अच्छे अंक लाने के बाद भी चयनित नहीं हो पाएंगे।

पदवृद्धि की मांग जायज: अनारक्षित वर्ग में MP से ज्यादा अन्य राज्यों के कैंडिडेट्स बनेंगे शिक्षक, इन सब्जेक्ट के ये हाल!

हाइलाइट्स

  • एमपी में वर्ग 1 के पदों पर हो रही है शिक्षकों की भर्ती
  • विभाग कर रहा कैंडिडेट्स के डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन 
  • उम्मीदवार लगातार कर रहे हैं पद में बढ़ोत्तरी की मांग

MP Teacher Bharti 2024: मध्य प्रदेश में इन दिनों वर्ग 1 यानी उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।

मेरिट में आए चयनित उम्मीदवारों को डाक्यमेंट वेरीफिकेशन के लिए बुलाया जा रहा है। इसके बाद ज्वाइनिंग की प्रोसेस शुरु होगी।

इस बीच भर्ती में पदवृद्धि की मांग कर रहे उम्मीदवारों के सोशल मीडिया ग्रुप में भर्ती से जुड़ी एक मेरिट लिस्ट तेजी से वायरल हो रही है।

इस लिस्ट के अनुसार अनारक्षित वर्ग में बायो-केमिस्ट्री जैसे विषयों में मध्य प्रदेश से ज्यादा अन्य राज्यों के उम्मीदवारों का चयन हुआ है।

बायोलॉजी में 66% और केमिस्ट्री में 52% अन्य राज्यों के उम्मीदवार

मेरिट लिस्ट आरक्षण और विषयवार दी गई है। इसमें सीधी भर्ती के अनारक्षित वर्ग की लिस्ट देखें तो जीव विज्ञान यानी बायोलॉजी विषय में कुल 53 पद है।

इनमें 35 यानी 66% कैंडिडेट प्रदेश के बाहर से हैं। मध्य प्रदेश के 18 यानी 34% उम्मीदवार ही मेरिट में आए हैं।

इसी तरह रसायन शास्त्र यानी केमिस्ट्री विषय में कुल 67 पद हैं। इनमें से 35 पर यानी 52% कैंडिडेट अन्य राज्यों से हैं। वहीं एमपी से 32 यानी 48% उम्मीदवार मेरिट में स्थान बना पाए हैं।

इन विषयों में भी लगभग समान रहे उम्मीदवार

इकोनॉमिक्स यानी अर्थशास्त्र विषय की बात करें तो सीधी भर्ती के अनारक्षित वर्ग में कुल पद 20 हैं। इनमें से 45% यानी 9 उम्मीदवार अन्य राज्यों से हैं। वहीं 55% यानी 11 उम्मीदवार मध्य प्रदेश से आते हैं।

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इसी तरह मेथ्स यानी गणित विषय की बात करें तो कुल 126 पदों में से 41% यानी 51 उम्मीदवार अन्य राज्यों से चयनित हुए हैं। वहीं 59% यानी 75 कैंडिडेट मध्य प्रदेश के हैं।

चर्चा में क्यों आया बाहरी का मुद्दा

देश में युवाओं को रोजगार के समान अवसर मिलना चाहिए, फिर भले वह किसी भी प्रदेश का क्यों न हो। जो योग्य है, उसे नौकरी मिलने का अधिकार है।

फिर सवाल ये उठता है कि आखिर बाहरी का मुद्दा चर्चा में क्यों आया। इसकी वजह है देश के अन्य राज्यों में एडमिशन से लेकर नौकरी तक में स्थानीय युवाओं को महत्व देने के लिए समय समय पर होते रहे प्रयास।

यही वजह है कि एमपी में भी 2018 में स्थानीय युवाओं को रोजगार में वरीयता देने का मुद्दा उठ चुका है।

छत्तीसगढ़ में वनरक्षक पद पर स्थानीय को प्राथमिकता

छत्तीसगढ़ में वनरक्षक के 1484 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी हुआ। विज्ञापन के अनुसार 12 जून 2024 से 1 जुलाई 2024 तक उम्मीदवार अप्लाई कर सकते हैं।

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इसमें संपूर्ण छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों से आनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किये गए हैं। मतलब इस भर्ती में छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को ही प्राथमिकता दी गई है।

बिहार PSC को जारी करना पड़ा था शुद्धि पत्र

बिहार लोक सेवा आयोग ने अध्यापक भर्ती के लिए मई 2023 में एक विज्ञापन जारी किया। जिसमें अनिवार्य शर्त के रूप में भारत का नागरिक हो और बिहार राज्य का स्थायी निवासी हो...जोड़ दिया गया।

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कुल मिलाकर विज्ञापन के अनुसार ये भर्ती सिर्फ बिहारी के युवाओं के लिए ही थी। जिसका उम्मीदवारों ने विरोध किया और कोर्ट में याचिका लगा दी।

जिसके बाद बिहार PSC ने 27 जून 2023 को एक शुद्धिपत्र जारी किया, जिसके बाद बिहार राज्य का स्थायी निवासी हो...वाली लाइन को हटा दिया गया।

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4 साल पहले सरकार ने की थी घोषणा

चार साल पहले 2018 में सरकार ने घोषणा की थी कि मध्य प्रदेश में स्थानीय युवाओं को नौकरियों में प्राथमिकता मिलेगी।

इसके लिए अन्य राज्यों में प्रचलित प्रावधानों का अध्ययन कराने के बाद नियम बनाने की बात सामने आई थी।

सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी थी।

कानून बनाकर इसे कैबिनेट में लाने की तैयारी थी, लेकिन बाद में यह प्रयास मूर्त रूप नहीं ले सके।

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इसलिए ही हो रही थी पदवृद्धि की मांग

वर्ग 1 की शिक्षक भर्ती में लगातार उम्मीदवार पदवृद्धि की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर कई आंदोलन भी हो चुके हैं। भर्ती बेहद कम पदों पर की जा रही है।

जिसके कारण 100 में से 83 और 85 नंबर लाने वाले उम्मीदवारों का भी चयन नहीं हो पा रहा है।

अनारक्षित वर्ग में राज्य के बाहर से भी उम्मीदवारों का अधिक चयन होने से मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए इस भर्ती में कुछ खास बच ही नहीं रहा है।

उम्मीदवारों ने एक बार फिर पदवृद्धि की मांग की है।

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