MP के 7.50 लाख कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर: अगले 3 साल में 74% से 94% तक हो जाएगा DA,संविदा कर्मियों की भी बढ़ेगी सैलरी

MP DA Hike: मध्यप्रदेश सरकार पहली बार तीन साल का रोलिंग बजट ला रही है। संविदा कर्मचारियों के वेतन में 4% की वृद्धि होगी और नियमित कर्मचारियों का DA अगले तीन सालों में 94% तक पहुंच जाएगा।

MP के 7.50 लाख कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर: अगले 3 साल में 74% से 94% तक हो जाएगा DA,संविदा कर्मियों की भी बढ़ेगी सैलरी

MP Rolling Budget Salary DA Hike: मध्यप्रदेश सरकार पहली बार आगामी तीन वर्षों के लिए रोलिंग बजट तैयार करने जा रही है, जिसकी झलक 2026-27 के बजट में देखने को मिलेगी। इस नई प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार अपने वित्तीय संसाधनों और एफआरबीएम एक्ट के नियमों के अंतर्गत ही खर्च करेगी। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) पर खर्च की सीमा 3.5% तय की गई है। अगले तीन सालों में महंगाई को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में क्रमिक वृद्धि की जाएगी 2026-27 में DA 74%, 2027-28 में 84% और 2028-29 में 94% तक पहुंच जाएगा। साथ ही, 7.50 लाख कर्मचारियों के वेतन और 5 लाख पेंशनर्स की पेंशन पर होने वाला खर्च हर वर्ष 3% की दर से बढ़ाया जाएगा।

अगले 3 साल में कर्मचारियों के डीए में वृद्धि

सरकार ने तीन वर्षों में 7.5 लाख नियमित कर्मचारियों और 5 लाख पेंशनर्स के वेतन व पेंशन में नियमित बढ़ोतरी का खाका तैयार किया है।

  • 2026-27 में डीए: 74%

  • 2027-28 में डीए: 84%

  • 2028-29 में डीए: 94%
    वेतन और पेंशन पर खर्च हर साल औसतन 3% बढ़ाया जाएगा।

खर्च का अनुमान

  • 2026-27 में वेतन-भत्तों पर खर्च: ₹65,900 करोड़

  • 2027-28 में: ₹69,000 करोड़

  • 2028-29 में: ₹80,000 करोड़

संविदा कर्मचारियों को राहत

प्रदेश के 2.50 लाख संविदा कर्मचारियों के लिए भी राहत की खबर है। सरकार उनके वेतन में 4% की बढ़ोतरी करेगी।

क्यों जरूरी है रोलिंग बजट?

वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि “जीरो बजटिंग” की प्रक्रिया जारी रहेगी, जिससे गैर-ज़रूरी खर्च रोके जा सकें और वित्तीय अनुशासन बना रहे। यह निर्णय सरकार के "विकसित मध्यप्रदेश 2047" लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

योजना पर खर्च का देना होगा पूरा विवरण

हर विभाग को यह बताना होगा कि किसी योजना पर किया जाने वाला खर्च क्यों जरूरी है, उसका सामाजिक और आर्थिक प्रभाव क्या होगा, और इससे लाभार्थियों को क्या फायदा मिलेगा। साथ ही, समान प्रकृति की योजनाओं को मिलाने और अप्रभावी योजनाओं को समाप्त करने पर भी विचार किया जाएगा।

बजट निर्माण प्रक्रिया

  • 28 जुलाई से शुरू होंगी बजट संबंधित विभागीय बैठकें।

  • 31 अक्टूबर तक नई योजनाओं के प्रस्ताव मंगाए जाएंगे।

यह नई पहल राज्य के वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे पारदर्शिता और खर्च की जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

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