राज्य कर्मचारी संघ का धरना: पुरानी पेंशन लागू करने की मांग, कहा- सरकार हमें हल्के में न ले वरना परिणाम भुगतने तैयार रहे!

MP Rajya Karmchari Protest: राज्य कर्मचारी संघ के आंदोलन को मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा और तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने समर्थन दिया है

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MP Rajya Karmchari Protest: मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ का भोपाल के तुलसी नगर अंबेडकर पार्क में धरना शुरु हो गया है। कर्मचारी संघ पुरानी पेंशन दोबारा लागू करने, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अधीन ही पदोन्नति शुरू करने, 4% डीए तत्काल देने सहित 26 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दे रहा है।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार हमें हल्के में न लाए। समय रहते यदि हमारी मांगों पर विचार नहीं किया तो फिर परिणाम भुगतने के लिये भी तैयार रहे।

प्रदेशभर से आ रहे कर्मचारी

मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ की जिला, तहसील, ब्लॉक इकाई सहित समर्थन देने वाले संगठनों के सदस्य कर्मचारियों का सुबह से ही भोपाल आने का सिलसिला शुरू हो गया है।

मंच से कर्मचारी अपनी बात रखते हुए कह रहे हैं कि सरकार द्वारा की जा रही उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं है। अब ऐसा हुआ तो अच्छा नहीं होगा। कर्मचारी नेताओं ने भविष्य में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

ये है संघ की प्रमुख मांगें...

1.मध्य प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना वरिष्ठता के साथ लागू करें।
2.संचालक पशुपालन जैसे प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका के अधीन शीघ्र प्रारंभ की जाए।
3.प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों एवं पेंशनरों को एरियर सहित केंद्र के समान महंगाई भत्ता दें।
4.7वें वेतनमान अनुसार प्रदेश के नियमित एवं निगम-मंडल के कर्मचारियों को गृह भाड़ा भत्ता एवं अन्य भत्ते दें।
5. पेंशनर और निगम-मंडल सहित सभी कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मंत्री परिषद के आदेश 4 अप्रैल 2020 के तहत दें।
6.विभिन्न संवर्गों के वेतन विसंगति का निराकरण वेतन आयोग से कराया जाए।
7. नए शिक्षा संवर्ग में नियुक्त अध्यापक संवर्ग की नियुक्ति नहीं संविलियन करें और सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से करते हुए वरिष्ठता के आदेश जारी कर, क्रमोन्नति दें।
8. सहायक शिक्षक/उच्च श्रेणी शिक्षक को चतुर्थ समयमान वेतन नहीं दिया है, जो नियुक्ति दिनांक से दें।
9.दैनिक वेतन भोगी, संविदा, स्थाई कर्मियों को विभाग में रिक्त पदों के विरुद्ध नियमित कर शेष पदों पर सीधी भर्ती की जाए। विभागाध्यक्ष को अपने विभाग में इन कर्मियों को नियमित करने के अधिकार दें।
10.लिपिक संवर्ग को मंत्रालय के समान समयमान वेतनमान दें एवं उच्च पदभार के आदेश जारी करें।

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दोपहर बाद जोर पकड़ेगा आंदोलन

आंदोलन स्थल पर जैसे जैसे कर्मचारियों का आना शुरु हो गया है, उससे लग रहा है मानो दोपहर बाद प्रदर्शन जोर पकड़ेगा। यहां कर्मचारी अपनी मांगें और समस्याएं गिनाएंगे और मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे।

संघ के इस आंदोलन को अन्य प्रमुख कर्मचारी संगठनों (मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ सहित अन्य) ने समर्थन दिया है। इन संगठनों के नेता भी धरना-प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।

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