मप्र राज्य कर्मचारी संघ की बैठक में निर्णय: यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मध्य प्रदेश में लागू करवाने कर्मचारी करेंगे आंदोलन, रणनीति पर चर्चा

MP Unified Pension Scheme: राज्य कर्मचारी संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की प्रथम बैठक राजधानी भोपाल में ठेंगड़ी भवन में भारी बारिश के बीच हुई।

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MP Unified Pension Scheme: मध्य प्रदेश में भी यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) लागू करवाने के लिए जल्द ही प्रदेश के कर्मचारी आंदोलन करेंगे। यह निर्णय मप्र राज्य कर्मचारी संघ की बैठक में लिया गया।

बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि वे कर्मचारी हित में UPS को प्रदेश में लागू करवाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।

भारी बारिश के बीच बनी आंदोलन की रणनीति

मप्र राज्य कर्मचारी संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की प्रथम बैठक राजधानी भोपाल में ठेंगड़ी भवन में भारी बारिश के बीच हुई। इसमें यूनिफाइड पेंशन स्कीम (MP Unified Pension Scheme) को प्रदेश के कर्मचारियों के लिये लागू करवाने हेतु चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई।

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इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने अपने अपने विभागों की लंबित मांगों को बिंदु बार प्राप्त कर उनके निराकरण के लिये संघर्ष करते रहने का संकल्प लिया।

सरकार नई पेंशन को दे चुकी है मंजूरी

केंद्र सरकार ने 24 अगस्त, शनिवार को नई पेंशन व्यवस्था लागू करने की बात कही है। इस स्कीम को नाम भी नया दे दिया। नई स्कीम का नाम यूनिफाइड पेंशन स्कीम (Unified Pension Scheme) यानी ‘यूपीएस’ रखा है।

मतलब, यह नाम ओपीएस (OPS) और एनपीएस (NPS) से जुदा है। केंद्रीय कैबिनेट ने इस स्कीम को मंजूरी भी दे दी है।

पहले नई पेंशन स्कीम को समझ लीजिए

यूनिफाइड पेंशन स्कीम में 25 साल काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को पूरी पेंशन मिलेगी।

यानी किसी कर्मचारी ने न्यूनतम 25 साल तक नौकरी की है तो उसे रिटायरमेंट के तुरंत पहले के अंतिम 12 महीने के औसत वेतन का कम से कम 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा।

यूनिफाइड पेंशन स्कीम में 10 साल की नौकरी करने के बाद कर्मचारी को कम से कम 10 हजार रुपये पेंशन के तौर पर मिलेंगे।

सरकार ने अपना बढ़ाया अंशदान

नई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (Unified Pension Scheme) में सरकार ने अपना अंशदान बढ़ा दिया है। UPS में सरकार ने अपने कंट्रीब्यूशन, जो अभी तक 14 प्रतिशत था, उसे बढ़ाकर 18.5 प्रतिशत कर दिया है। यहां तो सब ठीक है।

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लेकिन न्यू पेंशन स्कीम यानी NPS की तरह ही सरकार कर्मचारियों से इसमें भी 10 प्रतिशत का योगदान लेगी।

यूनिफाइड पेंशन स्कीम से जुड़ी बड़ी बातें

1. यदि कर्मचारी की मौत हो जाती है, तो उस पर आश्रित (पति या पत्नी) को 60 प्रतिशत राशि पारिवारिक पेंशन के तौर पर दी जाएगी।

2. सरकार ने यूपीएस में पारिवारिक पेंशन, सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन और रिटायरमेंट के दौरान ग्रेच्युटी के अलावा भी एक सुनिश्चित राशि के भुगतान की व्यवस्था की है।

3. यूपीएस लगभग ओपीएस की तर्ज पर ही लाई गई है। हालांकि, इसमें सिर्फ अंतर इतना है कि कर्मचारियों को एनपीएस की तरह ही इसमें 10 प्रतिशत योगदान देना होगा।

सिर्फ केंद्रीय कर्मचारी के लिये है यूपीएस

यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी यूपीएस का फिलहाल लाभ 24 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा। यह स्कीम 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी। राज्य में इसे लागू करना है या नहीं ये फैसला राज्य सरकार को ही करना होगा।

यही कारण है कि अब मध्य प्रदेश के कर्मचारी इसे एमपी में लागू करवाने के लिए आंदोलन की राह पकड़ने वाले हैं।

कर्मचारी संघ दो लाख नये सदस्य जोड़ेगा

मप्र राज्य कर्मचारी संघ इस साल 2 लाख नये सदस्य संगठन में जोड़ेगा, ताकि संघ को मजबूती मिल सके।

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मप्र राज्य कर्मचारी संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की प्रथम बैठक में सभी पदाधिकारियों ने 2 लाख सदस्य बनाने का संकल्प भी लिया। बैठक में संघ के सभी पदाधिकारी मौजूद थे।

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