MP Pwd Engineer Exam: इंजीनियर्स देंगे Eligibility का प्रमाण, तभी मिलेंगे ब्रिज जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स, जानें नई व्यवस्था

MP Pwd Engineer Construction Quality Control Exam: मध्यप्रदेश में कार्यरत प्रदेशभर के इंजीनियरों को अब अपनी एलिजिबिलिटी का प्रमाण देना होगा। जिसके बाद उन्हें ​ब्रिज जैसे बड़े प्रोजेक्टस को सुपरविजन सौंपा जाएगा। लोक निर्माण विभाग यह नई व्यवस्था करने जा रहा है।

MP Pwd Engineer Construction Quality Control Exam

MP Pwd Engineer Construction Quality Control Exam

MP Pwd Engineer Construction Quality Control Exam: मध्यप्रदेश में कार्यरत प्रदेशभर के इंजीनियरों को अब अपनी एलिजिबिलिटी का प्रमाण देना होगा। जिसके बाद उन्हें ​ब्रिज जैसे बड़े प्रोजेक्टस का सुपरविजन सौंपा जाएगा। लोक निर्माण विभाग यह नई व्यवस्था करने जा रहा है।

दरअसल, भोपाल के ऐशबाग में 90 डिग्री टर्न वाले ओवरब्रिज और इंदौर के झेड Z शेप ब्रिज के निर्माण के बाद से इंजीनियरों की योग्यता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। जिससे लोक निर्माण विभाग की जमकर किरकिरी हुई। ऐसे में योग्य इंजीनियरों के सिलेक्शन के लिए लोक निर्माण विभाग ने बड़ा कदम उठाया है।

[caption id="attachment_857347" align="alignnone" width="971"]Indore z shape bridge इंदौर में Z शेप ब्रिज का निर्माण। फाइल फोटो[/caption]

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इंजीनियर्स देंगे यह परीक्षा

पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री और उपयंत्री स्तर के इंजीनियरों को कांस्ट्रक्शन के स्टैंर्ड्स यानी निर्माण के मानकों और तकनीकी नियमों की स्टडी कर परीक्षा देनी होगी। जबकि चीफ और सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर को सिर्फ अध्ययन करना होगा। यह परीक्षा 15 अगस्त के बाद आयोजित की जाएगी।

क्यों जरूरी है ये परीक्षा ?

किसी भी भवन, सड़क और ​ब्रिज के कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी को बनाए रखने के लिए भारतीय मानक कोड, नेशनल बिल्डिंग कोड ओर इंडियन रोड के नियमों का पालन अनिवार्य होता है, लेकिन देखने में आया है कि कई बड़े प्रोजेक्टस में नियमों की अनदेखी की गई। जिसके घटिया निर्माण की शिकायतें सामने आईं।

MP bridge

पोस्टिंग में चल रही थी मनमर्जी

अब तक प्रदेश भर में इंजीनियर्स समेत आला अफसर अपनी मनमर्जी से पोस्टिंग पा रहे थे। नेता और अफसरों के साथ मिलकर बड़े प्रोजेक्ट्स, फील्ड समेत, अनुमति, नक्शा पास करने जैसा काम कर रहे थे, लेकिन अब इस परीक्षा के बाद यह कम होने की उम्मीद है।

परीक्षा का उद्देश्य

  • इंजीनियरों की तकनीकी जानकारी और क्षमता का मूल्यांकन
  • फील्ड पोस्टिंग और प्रोजेक्ट आवंटन में पारदर्शिता
  • प्रैक्टिकल वर्क एफिशिएंसी और क्वालिटी कंट्रोल में सुधार
  • डेटा के आधार पर एनुअल परफॉर्मेंस रिव्यू, प्रशिक्षण जरूरत और विशेष परियोजनाओं की जिम्मेदारी तय होगी

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घटिया इंजीनियरिंग के प्रमाण

शहरनिर्माण उदाहरणसंबंधित समस्या
भोपाल90 डिग्री ओवरब्रिज (ROB)डिजाइन और ट्रैफिक सुरक्षा पर सवाल
इंदौरZ आकार पुल निर्माणअव्यवस्थित स्ट्रक्चर प्लानिंग
जबलपुररोड निर्माणघटिया सामग्री की शिकायतें
ग्वालियरभवन परियोजनाएंस्ट्रक्चरल सेफ्टी की अनदेखी

ऐसी होगी स्टडी-परीक्षा

बिंदुविवरण
परीक्षा कौन देगा ?कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, उपयंत्री
कौन केवल स्टडी करेगा ?चीफ इंजीनियर और सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर
स्टडी की अंतिम तिथि15 अगस्त 2025
परीक्षा मोडऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों
स्टडी मटेरियल आधारितभारतीय मानक कोड, इंडियन रोड कांग्रेस, बिल्डिंग कोड
डेटा उपयोगपोस्टिंग, परफॉर्मेंस रिव्यू, ट्रेनिंग जरूरत
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