मप्र प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक भर्ती: नंबर के नियम को चुनौती, नियुक्तियों पर रोक के आवेदन पर हाईकोर्ट का सरकार को नोटिस

MP Primary Secondary Teacher Bharti: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में नियुक्तियों पर रोक के आवेदन पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है।

MP Primary Secondary Teacher Bharti Marks Rules High Court notice School Education Department hindi news

हाइलाइट्स

  • मप्र प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक भर्ती
  • MP स्कूल शिक्षा विभाग को नोटिस
  • 10 हजार भर्तियों से जुड़ा मामला

MP Primary Secondary Teacher Recruitment: मध्यप्रदेश में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षित वर्ग के लिए पात्रता परीक्षा के निर्धारित अंक के नियम को चुनौती वाले मामले में चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस डीडी बंसल की खंडपीठ ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, ट्रायबल वेलफेयर विभाग के प्रमुख सचिव, आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय और अन्य को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है।

जवाब के बाद स्टे देने की मांग पर विचार करेगा हाईकोर्ट

नियुक्तियों पर रोक लगाने के आवेदन पर भी कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। जवाब आने के बाद स्टे देने की मांग पर विचार होगा। मामला करीब 10 हजार भर्तियों से जुड़ा है।

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निर्धारित अंकों का नियम

पन्ना के दीपक गर्ग और अन्य की ओर से अधिवक्ता आर्यन उरमलिया ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि भर्ती नियम 2024 के नियम 12.4 की वैधानिकता को चुनौती दी गई है। इस नियम के अनुसार आरक्षित वर्ग के ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने पात्रता परीक्षा में 90 से कम अंक प्राप्त किए हैं, उनकी पात्रता चयन परीक्षा के आरक्षित प्रवर्ग में ही मान्य होगी। चयन परीक्षा में मेरिट में आने पर भी ऐसे अभ्यर्थी अनारक्षित प्रवर्ग में चयन के लिए पात्र नहीं होंगे।

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ये दी गई दलील

हाईकोर्ट में दलील दी गई कि ये प्रावधान सुप्रीम कोर्ट के सौरव यादव बनाम उत्तर प्रदेश, तेज प्रकाश पाठक बनाम राजस्थान उच्च न्यायालय और इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ में दिए फैसलों के प्रतिकूल है। इन प्रकरणों में सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि आरक्षित वर्ग के मेरिटोरियस अभ्यर्थी सामान्य वर्ग में चयन हेतु पात्र होते हैं। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता के पात्रता परीक्षा 82 अंक थे और चयन परीक्षा में 40 परसेंटाइल थे। वहीं अनारक्षित वर्ग में 12 एवं 17 परसेंटाइल वालों का चयन हुआ क्योंकि उनके पात्रता परीक्षा में 90 अंक से अधिक थे।

ग्वालियर नगर निगम का बाबू रिश्वत लेते गिरफ्तार, अनुकंपा नियुक्ति के बदले मांगे थे पैसे

Gwalior Nagar Nigam Babu Rishwat: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरों के खिलाफ लगातार एक्शन हो रहा है। लगातार कई विभागों में सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े जा रहे हैं। ग्वालियर नगर निगम का बाबू राजेश सक्सेना 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

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