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हाइलाइट्स
माखननगर में बिना अनुमति डंप हो रही थी गिट्टी
इसी जगह पर सीपी 30 प्लांट लगाने की थी तैयारी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अनुमति नहीं दिखा सके जिम्मेदार
Air Pollution Issues: नर्मदापुरम जिले के माखननगर (पहले नाम बाबई) में 14 मई, मंगलवार को अचानक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम पहुंच गई।
यहां उन्होंने रहवासी इलाके में डंप हो रही गिट्टी को लेकर कड़ी नाराजगी जताई।
इस इलाके में सीपी 30 प्लांट (एक तरह का मिक्सर प्लांट) लगाने की तैयारी थी।
मामले में अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जिम्मेदारों को नोटिस जारी करेगा।
सड़कों के निर्माण के लिए स्वास्थ से खिलवाड़
माखननगर में लगने वाला ये प्रस्तावित प्लांट बिंदल डेवलपर्स लगाने वाला था। इससे पहले कई डम्फर यहां गिट्टी पटकी गई।
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बिंदल डेवलपर्स माखननगर थाने से सिराली कॉलोनी की नहर तक और मुख्य सड़क पर आरा मशीन से लेकर सुमित्रा पब्लिक स्कूल तक सड़क चौड़ीकरण का काम करने वाला है।
निर्माण के नाम पर इस रहवासी इलाके में प्लांट लगाकर लोगों के स्वास्थ से खिलवाड़ (Air Pollution Issues) किया जा रहा था।
निजी जमीन पर प्लांट बनाने की थी तैयारी
माखननगर के सिराली कॉलोनी में नहर के पास सड़क निर्माण के लिए सीपी 30 प्लांट (एक तरह का मिक्सर प्लांट) लगाने की तैयारी थी।
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यह प्लांट यहां 1 साल तक लगा रहता। बता दें कि ये जमीन निजी भूमि बताई जा रही है। जिसके लिए जमीन किराये पर दी गई थी।
डंपिंग यार्ड और प्लांट से क्या दिक्कत
इस तरह के डंपिंग यार्ड और प्लांट से हवा में PM 10 और PM 2.5 की मात्रा (Air Pollution Issues) बढ़ जाती है।
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ये पार्टिकुलेट मेटर सांस के जरिए हमारे शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं। इससे श्वांस संबंधी गंभीर बीमारियां होती है।
यही कारण है कि इस तरह के यार्ड और प्लांट के लिए सख्त नियमों का पालन करना होता है, लेकिन यहां ठेकेदार ने बिना अनुमति के ही काम शुरु कर दिया।
अनुमति नहीं बता पाए ठेकेदार के कर्मचारी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MP Pollution Control Board) की टीम में शामिल जूनियर साइंटिस्ट प्रवीण कोठारी ने जब मौके पर ठेकेदार कर्मचारियों से डंपिंग यार्ड के लिए ली गई अनुमति के बारे में पूछा तो कोई अनुमति नहीं बता पाया।
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यहां तक की जब नोटिस देने के लिए एड्रेस मांगा गया तो उसमें भी कर्मचारी आनाकानी करते नजर आए।
क्या कहता है नियम
जूनियर साइंटिस्ट प्रवीण कोठारी के अनुसार इस तरह के डंपिंग यार्ड और प्लांट रहवासी इलाके में नहीं लगाए जाने चाहिए।
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क्योंकि इनसे वायु प्रदूषित होने (Air Pollution Issues) के साथ ही लोगों के स्वास्थ पर भी खतरा बना रहता है।
इसलिए 100 मीटर के दायरे में किसी घर के पास ये प्लांट या डंपिंग यार्ड नहीं लगाए जाना चाहिए।
अनलोडिंग करने पर रोक की हिदायत
ठेकेदार के कर्मचारी से फोन पर बात करते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी ने कहा कि अब इस लोकेशन पर गिट्टी अनलोडिंग नहीं होगी।
साथ ही जो गिट्टी डंप कर दी है, उसे 15 दिनों को हटाने की हिदायत भी दी है।
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