क्या होगा केपी का भविष्य: ना लोकसभा का टिकट मिला और न राज्यसभा का, अब केपी को लेकर बीजेपी ये कर सकती है फैसला

BJP Leader KP Yadav: उम्मीद थी कि पार्टी केपी यादव को राज्यसभा भेजेगी, लेकिन यहां भी जार्ज कुरियन उम्मीदवार बन गए।

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हाइलाइट्स

  • एमपी से केपी क्यों नहीं बने राज्यसभा प्रत्याशी?
  • ना मिला लोकसभा और न ही राज्यसभा का टिकट
  • केपी यादव को मिल सकती है अब ये जिम्मेदारी!

BJP Leader KP Yadav: ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट से बीजेपी की ओर से केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन उम्मीदवार हैं। विधानसभा में बीजेपी विधायकों की संख्या के लिहाज से जार्ज कुरियन का राज्यसभा सांसद बनना तय है, बस इसकी औपचारिक घोषणा भर होना है।

बीजेपी की टिकट पर सिंधिया को हराने वाले केपी यादव को इस बार सांसद का टिकट नहीं मिला। उनकी जगह गुना की टिकट से सिंधिया लड़े और जीते भी।

उम्मीद थी कि पार्टी केपी यादव को राज्यसभा भेजेगी, लेकिन यहां भी जार्ज कुरियन उम्मीदवार बन गए। ऐसे में अब राजनीतिक गलियारों में ये सवाल उठने लगा है कि आखिर केपी यादव का भविष्य क्या होगा।

11 जून को सिंधिया ने दिया था इस्तीफा

गुना सीट से सांसद चुने जाने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 11 जून को राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था। राज्यसभा सीट पर बीजेपी ने प्रत्याशी का ऐलान होते ही अचानक से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का ये पुराना बयान सुर्खियों में आ गया। शाह ने पूर्व गुना सांसद केपी यादव को लेकर ये बयान तीन महीने पहले लोकसभा चुनाव के दौरान दिया था।

दरअसल उस वक्त गुना लोकसभा सीट पर बीजेपी ने तत्कालीन मौजूदा सांसद केपी यादव का टिकट काटकर ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनावी मैदान में उतारा था। बीजेपी के इस फैसले के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने खुद के पी यादव के ख्याल रखने का वादा किया था।

शाह ने कहा था केपी की चिंता मुझ पर छोड़ दो

लोकसभा चुनाव के दौरान 3 महीने पहले अशोकनगर की एक सभा में केपी यादव को लेकर अमित शाह ने बड़ा बयान दिया था। अमित शाह ने मंच से कहा था कि केपी यादव ने गुना की सेवा की है। आप उनके भविष्य की चिंता मुझे पर छोड़ दो।

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केपी यादव को आगे बढ़ाने की सभी प्रकार की चिंता की जाएगी। उन्होंने कहा कि गुना वालों आपको दो नेता मिलेंगे। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ-साथ केपी यादव भी आपका नेतृत्व करेंगे। इस मंच पर ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे।

केपी यादव को लगा तगड़ा झटका

सिंधिया के इस्तीफा देते ही, सियासी गलियारों में ही नहीं, बल्कि बीजेपी के अंदरखानों में भी चर्चा होने लगी कि केपी यादव को सिंधिया के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर राज्यसभा भेजा जाएगा, लेकिन जॉर्ज कुरियन के नाम के ऐलान के साथ ही राज्यसभा जाने की आस में बैठे केपी यादव को तगड़ा झटका लगा।

केपी यादव का क्या होगा भविष्य?

ऐसे में अब ये सवाल उठता है कि, केपी यादव (BJP Leader KP Yadav) के लिए बीजेपी ने क्या सोचा है। राजनीतिक पंडितों की मानें तो बीजेपी उन्हें एमपी या केंद्र में किसी आयोग का अध्यक्ष बना सकती है। इसके अलावा के पी यादव यादव को संगठन में भी बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।

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