MP Politics: प्रदेश में बाढ़ को लेकर सियासी बयानबाजी शुरू, भाजपा विधायक बोले कांग्रेस की इस गलती से हो रही तबाही

MP Politics: प्रदेश में बाढ़ को लेकर सियासी बयानबाजी शुरू, भाजपा विधायक बोले कांग्रेस की इस गलती से हो रही तबाही MP Politics: Political rhetoric started in the state regarding floods, BJP MLA said that this mistake of Congress is causing destruction

MP Politics: प्रदेश में बाढ़ को लेकर सियासी बयानबाजी शुरू, भाजपा विधायक बोले कांग्रेस की इस गलती से हो रही तबाही

भोपाल। प्रदेश अभी कोरोना महामारी की मार से पूरी तरह उबरा नहीं था कि बारिश का कहर बरसने लगा है। प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। सैकड़ों गांव पानी में डूब गए हैं। करीब 5 हजार लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। वहीं एक दर्जन से ज्यादा लोगों की भीषण बारिश की चपेट में आकर मौत हो गई है। अब प्रदेश में इस भीषण समय में बाढ़ को लेकर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। भाजपा के विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रदेश में आई बाढ़ के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में आज बाढ़ के हालात कांग्रेस की योजनाओं के कारण हुई है। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में बनाई गई नदी जोड़ो योजना को मनमोहन सिंह की सरकार ने साकार नहीं होने दिया। इस कारण आज प्रदेश में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। रामेश्वर ने कहा कि अगर कांग्रेस नदी जोड़ो परियोजना को साकार होने दिया होता तो सभी नदियों का पानी निकल जाता। इतना ही नहीं रामेश्व शर्मा ने पीसीसी चीफ कमलनाथ पर भी निशाना साधा है। शर्मा ने कहा कि बाढ़ आने के बाद कमलनाथ हवाई दौरा करते हैं। कांग्रेस नेता अगर जमीनी दौरा करते तो आज यह हालात नहीं होते।

कांग्रेस ने भी किया पलटवार...
रामेशवर शर्मा के बयान को लेकर कांग्रेस ने भी पलटवार किया है। कांग्रेस के प्रवक्ता जेपी धनोपिया ने कहा कि भाजपा केवल दिखावा कर रही है। भाजपा की सरकार है सभी संसाधन हैं इसके बाद भी भाजपा नेता इसे ईवेंट की तरह पेश कर रहे है। भाजपा नेता तस्वीरें खिंचाते हुए लोगों की सेवा करने का दिखावा कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस के नेता हकीकत में जमीन पर जान जोखम में डालकर लोगों को बचाने में जुटे हैं। वहीं भाजपा के नेता सिर्फ अपनी राजनीति चमका रहे हैं। सरकार के पास हेलीकॉप्टर है, एक बार बाढ़ क्षेत्रों का दौरा ही कर लेते। धनोपिया ने कहा कि कांग्रेस के नेता लगातार जमीन पर लोगों की मदद करने में जुटे हैं। वहीं भाजपा के नेता केवल बयानबाजी कर रहे हैं।

मूसलाधार बारिश का कहर जारी
प्रदेश में पिछले दिनों से मूसलाधार बारिश (Shivpuri Me Badh) का कहर जारी है। कई जिलों में सैकड़ों गांव पानी में डूब गए हैं। वहीं हजारों लोगों को बाढ़ क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। इसके साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मध्य प्रदेश के (Flood In MP) छह जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग (IMD Bhopal) ने मध्य प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताते हुए येलो अलर्ट भी जारी किया है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। आईएमडी भोपाल कार्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी पी. के. साहा ने बताया कि प्रदेश के (Shivpuri Me Bhari Barish) छह जिलों राजगढ़, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर, गुना एवं अशोकनगर में आगामी 24 घंटों में भारी से अति भारी बारिश के अनुमान के मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि इन छह जिलों में 64.5 मिलीमीटर से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश (Rain In MP) होने का अनुमान है।

साहा ने बताया कि इसके अलावा, प्रदेश के 17 जिलों श्योपुर, मुरैना, भिण्ड, नीमच, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, विदिशा, रायसेन, सीहोर, होशंगाबाद, धार, देवास, नरसिंहपुर, टीकमगढ़, निवाडी और सागर में आगामी 24 घंटों में भारी बारिश (Heavy Rain In MP) की आशंका के मद्देनजर येलो अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान इन 17 जिलों में 64.5 मिलीमीटर से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश का अनुमान है। साहा ने बताया कि ये दोनों अलर्ट बृहस्पतिवार सुबह से शुक्रवार सुबह तक प्रभावी रहेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में प्रदेश के चाचौडा एवं भानपुरा में सबसे अधिक 11-11 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि नटेरन, कुंभराज, सिलवानी, लटेरी एवं गंजबासौदा में नौ-नौ सेंटीमीटर, बेगमगंज, ग्यारसपुर एवं पठानी में आठ-आठ सेंटीमीटर, केसली एवं जैसीनगर में सात-सात सेंटीमीटर, रेहली, राहतगढ़, बामौरी, राघौगढ़, उदयपुरा एवं ब्यावरा में छह-छह सेंटीमीटर और गुना में पांच सेंटीमीटर बारिश हुई है। इस बीच, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मॉनसून के दौरान चार जिलों में बहुत अधिक बारिश हुयी जबकि तीन जिलों में अधिक बरसात दर्ज की गयी।

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