MP Politics: ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी को कमान देने ताक पर BJP के संविधान का नियम, जानें कैसे किया अनदेखा

Madhya Pradesh News, Jyotiraditya Scindia: बीजेपी ने जिला अध्यक्षों के नामों का ऐलान करना शुरु कर दिया है। रविवार रात को दो जिलाध्यक्ष घोषित करने के बाद पार्टी ने सोमवार रात 18 नामों का ऐलान भी कर दिया।

MP Politics: ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी को कमान देने ताक पर BJP के संविधान का नियम, जानें कैसे किया अनदेखा

Jyotiraditya Scindia News: लंबे इंतजार के बाद बीजेपी ने जिला अध्यक्षों के नामों का ऐलान करना शुरु कर दिया है। रविवार रात को दो जिलाध्यक्ष घोषित करने के बाद पार्टी ने सोमवार रात 18 नामों का ऐलान भी कर दिया।

इन 18 नामों में सबसे ज्यादा चर्चा शिवपुरी से जिलाध्यक्ष बनाए गए जसमंत जाटव को लेकर हो रही है। दरअसल, यहां बीजेपी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी और पूर्व कांग्रेस विधायक जसमंत जाटव को कमान सौंपी है।

सिंधिया समर्थक को अध्यक्ष बनाने बदला नियम?

बीजेपी का संविधान है कि वही कार्यकर्ता या नेता जिला अध्यक्ष बन सकता है, जिसे पार्टी जॉइन किए 6 साल से ज्यादा का वक्त हो चुका हो। उधर जसमंत जाटव ने साल 2020 में सिंधिया और बाकी समर्थकों के साथ कांग्रेस छोड़ी थी। इसके बाद बीजेपी ने उन्हें 2020 उपचुनाव में अपना प्रत्याशी बनाया। हालांकि वो ये उपचुनाव हार गए।

4 साल में ही बना दिया जिलाध्यक्ष

फिलहाल, जसमंत जाटव को बीजेपी में शामिल हुए सिर्फ 4 साल ही हुए हैं, लेकिन फिर भी पार्टी ने नियमों का उल्लंघन कर जाटव को शिवपुरी की कमान सौंप दी। सियासी गलियारों की मानें तो सिंधिया की पसंद के चलते जाटव की नियुक्ति हुई है। 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ने की चाह रखने वाले जाटव को पार्टी ने उस वक्त टिकट नहीं दिया था।

एक साथ क्यों नहीं हो रहा ऐलान

रविवार को दो और सोमवार को 18 नामों का ऐलान करने की एक नहीं कई वजह है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो कई जिलों में जिलाध्यक्षों को लेकर असंतोष है। सागर, ग्वालियर, इंदौर जैसे बड़े शहरों में दिग्गज नेता अपने-अपने करीबी को अध्यक्ष बनवाने के लिए जोर लगा रहे हैं। ऐसे में बीजेपी हर दिन थोड़े थोड़े नामों का ऐलान कर रही है।

रविवार को हुए थे दो नाम घोषित

बीजेपी ने सबसे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र मुख्यालय से नामों का ऐलान किया था। दरअसल बीजेपी ने यहां से इसलिए शुरूआत कि, क्योंकि इन दोनों ही जिलों में नामों को लेकर कोई विरोध नहीं था। इसके अलावा दोनों नव नियुक्त अध्यक्ष स्थानीय दिग्गजों के करीबी हैं ऐसे में बीजेपी ने सबसे पहले यही जिले घोषित किए।

आज होगा 42 जिलाध्यक्षों का ऐलान?

अंदरखानों की मानें तो बचे हुए 42 जिलों के अध्यक्षों का ऐलान आज हो सकता है। आपको बता दें कि वर्तमान में बीजेपी के 62 संगठनात्मक जिले हैं। इस बार सागर ग्रामीण और धार ग्रामीण दो नए जिलों में भी जिला अध्यक्ष नियुक्त किए जाएंगे। इनमें से कई जिलों के अध्यक्ष रिपीट भी किए जा सकते हैं। सोमवार रात जारी 18 जिलों के जिला अध्यक्षों में 9 जिलों में अध्यक्ष रिपीट किए गए हैं।

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