Advertisment

साइबर ठगों ने बनाया MP पुलिस का फर्जी APK: पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, कहीं आप न हो जाएं शिकार, बचने के लिए ये करें

MP Police Fake APK Scam: साइबर ठगों ने बनाया MP पुलिस का फर्जी APK: पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, कहीं आप न हो जाएं शिकार, बचने के लिए ये करें

author-image
Preetam Manjhi
MP-Police-Fake-APK-Scam

MP Police Fake APK Scam: साइबर ठगों ने मध्य प्रदेश पुलिस की फर्जी एंड्रॉयड एप्लिकेशन पैकेज यानि कि APK तैयार की है। जालसाज इसे बनाकर बकायदा वॉट्सऐप ग्रुप में शेयर कर रहे हैं। साथ ही इस डाउनलोड करने की अपील भी कर रहे हैं।

Advertisment

वहीं साइबर पुलिस ने ठगी से बचने के लिए एडवाइजरी जारी ये बात साफ की है कि ये APK मध्य प्रदेश के पुलिस का नहीं है। साथ ही इस फर्जी एप्लीकेशन को डाउनलोड करने की अपील की है।

https://twitter.com/BansalNewsMPCG/status/1826561523214360761

ऐसे होता है APK फाइल फ्रॉड

आपको बता दें कि APK फाइल एंड्रॉइड इकोसिस्टम यूजर्स को प्ले स्टोर पर थर्ड पार्टी मोबाइल एप्लिकेशन और कंट्रोल करने की भी अनुमति देता है। ये हैकर्स के लिए APK इंस्टॉल करके यूजर्स के एंड्रॉइड डिवाइस को गलत तरीके से यूज के करने में सक्षम बना देता है।

साइबर जालसाज सबसे पहले लोगों के पास सोशल मीडिया के जरिए भेजते हैं और गलत तरीके से उसे इंस्टॉल करवाने के लिए कहते हैं।

Advertisment

जब व्यक्ति APK पर क्लिक करके उसे इंस्टॉल करता है, तो उसे ऐप्स इंस्टॉल करने के खतरों को उजागर करने वाले कई अलर्ट मैसेज भी मिलते हैं।

इसके बाद ऐप बहुत सारे परमिशन जैसे कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन, कॉन्टैक्ट, SMS के एक्सेस की मांग करता है। इंस्टॉलेशन होने के बाद व्यक्ति के मोबाइल की सारी जानकारी हैकर को अपने हैकिंग डिवाइस पर मिल जाती है।

ऐसे करें APK फ्रॉड की पहचान

हैकर द्वारा बनाई गई APK फाइल वैलिड नहीं होने के कारण इसका साइज कुछ KB में ही होता है। जैसे ही आप इसे इंस्टॉल करेंगे तो ये कैमरा, माइक्रोफोन, GPS, संपर्क और SMS जैसी कई प्रकार के परमिशन की मांग करता है।

Advertisment

बता दें कि ये आपके लिए एक बहुत बड़ा खतरा है। जैसे ही आप इसे परमिशन देंगे तो ये आपको हैकर द्वारा बनाई गए प्लेटफॉर्म पर अटैच कर देगा और आपकी सारी जानकारी हैकर के पास पहुंच जाएगी। इसके बाद हैकर आपकी पर्सनल डिटेल्स के बारे में आसानी से जान सकता है और अकाउंट से पैसे भी निकाल सकता है।

बचाव के लिए ये करें

- अगर आपके पास मध्य प्रदेश पुलिस के नाम से किसी भी फर्जी ऐप (MP Police Fake APK Scam) को डाउनलोड करने को कहा जाए, तो बिल्कुल भी न करें।

- सिर्फ और सिर्प आधिकारिक स्त्रोंतों के ऐप ही डाउनलोड करें।

- दो-स्तरीय प्रमाणीकरण एक्टिव करें।

- किसी भी प्रकार के संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।

- अपनी व्यक्तिगत जानकारी बिल्कुल भी साझा न करें।

- अपने मोबाइल में मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करें।

- इसके बाद भी अगर ठगी का शिकार हो जाएं, तो तत्काल शिकायत करें।

यहां करें शिकायत

अगर आपके साथ किसी भी प्रकार का साइबर फ्रॉड होता है तो नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 और भोपाल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 9479990636 पर तत्काल शिकायत दर्ज करें।

Advertisment

ये खबर भी पढ़ें: राजधानी में ED के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन: पुलिस ने चलाया वाटर कैनन, बैरीकेड से गिरे आरिफ मसूद सहित ये 2 नेता

हिंदी खबर साइबर जालसाजों ने बनाया फर्जी एपीके साइबर क्राइम खबर भोपाल खबर फर्जी एपीके एमपी पुलिस फर्जी एपीके एमपी खबर mp police fake apk MP news hindi news fake apk cyber ​​fraudsters created fake apk cyber crime news bhopal news
Advertisment
चैनल से जुड़ें