MP Railway Project: मोदी कैबिनेट की बड़ी सौगात, MP को मिला नया रेलवे प्रोजेक्ट, इटारसी-भोपाल-बीना रूट पर बनेगी चौथी लाइन

MP Railway Project: मोदी कैबिनेट ने MP को बड़ी सौगात देते हुए इटारसी-भोपाल-बीना रूट पर चौथी और वडोदरा-रतलाम रूट पर तीसरी-चौथी रेल लाइन को मंजूरी दी।

Madhya Pradesh (MP) Railway Project

Madhya Pradesh (MP) Railway Project

हाइलाइट्स 

  • MP को दो नई रेल लाइनें

  • 24,634 करोड़ की मंजूरी

  • रेलवे नेटवर्क होगा और मजबूत

Madhya Pradesh (MP) Railway Project : मध्यप्रदेश को मंगलवार को मोदी सरकार की ओर से बड़ी सौगात मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 24,634 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजनाओं को हरी झंडी दी गई और इनका निर्माण 2030-31 तक पूरा होने की उम्मीद है।

इन परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 894 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इसमें मध्यप्रदेश के दो प्रमुख रेल रूट्स पर नई लाइनों का निर्माण शामिल है, जो प्रदेश की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार देंगे।

MP के इटारसी-भोपाल-बीना रूट पर बिछेगी चौथी रेल लाइन

कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई योजनाओं में इटारसी-भोपाल-बीना रूट पर 237 किलोमीटर लंबी चौथी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। यह रूट न केवल मध्यप्रदेश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक है, बल्कि यह राज्य की राजधानी भोपाल को देश के कई हिस्सों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है।

इस नई लाइन से ट्रेनों की आवाजाही में तेजी आएगी, लेटलतीफी कम होगी और मालगाड़ियों के संचालन में भी सुगमता आएगी। इससे न सिर्फ यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को भी बूस्ट मिलेगा।

रतलाम को मिलेगा बड़ा फायदा

MP और गुजरात को जोड़ने वाले वडोदरा-रतलाम रेल मार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की योजना को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट लगभग 259 किलोमीटर लंबा होगा और दोनों राज्यों के बीच रेलवे यातायात को कहीं अधिक सक्षम बनाएगा।

रतलाम रेल मंडल पहले से ही मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेनों के लिए व्यस्त रहता है, ऐसे में इस प्रोजेक्ट के पूरे होने पर लाइन कंजेशन में भारी कमी आएगी और रेल सेवाओं की विश्वसनीयता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

18 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि ये प्रोजेक्ट्स महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ के कुल 18 जिलों को कवर करेंगे। उन्होंने बताया कि भारत के सात प्रमुख रेलवे कॉरिडोर देश के कुल रेलवे यातायात का 41% हिस्सा संभालते हैं। इन प्रोजेक्ट्स से इन कॉरिडोर्स की क्षमता और कनेक्टिविटी दोनों में गुणात्मक सुधार होगा। उन्होंने आगे कहा, “हमने निर्णय लिया है कि इन सभी कॉरिडोर्स में कम से कम चार रेल लाइनें हों और जहां ज़रूरत हो, वहां छह लाइनें तक बनाई जाएंगी।”

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MP के रेलवे नेटवर्क को मिलेगा बूस्ट

इन प्रोजेक्ट्स के जरिए मध्यप्रदेश का रेलवे नेटवर्क अब तेज, आधुनिक और भरोसेमंद बनेगा। चौथी और अतिरिक्त लाइनों से न केवल यात्रियों को सीधी राहत मिलेगी, बल्कि इस क्षेत्र में निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। वहीं, ट्रेनों की टाइमिंग बेहतर होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार के लिए यात्रा करने वाले लाखों लोगों को सुविधा मिलेगी।

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