MP विधानसभा में खुले बोरवेल को लेकर बना कानून: खनन से पहले लेनी होगी परमिशन, शिकायत करने वालों को दिया जाएगा इनाम

New Borewell Rule in MP: मध्‍य प्रदेश में खुले बोरवेल में होने वाली घटनाओं को बढ़ने से रोकने के लिए प्रदेश की विधानसभा में

MP विधानसभा में खुले बोरवेल को लेकर बना कानून: खनन से पहले लेनी होगी परमिशन, शिकायत करने वालों को दिया जाएगा इनाम

New Borewell Rule in MP: मध्‍य प्रदेश में खुले बोरवेल में होने वाली घटनाओं को बढ़ने से रोकने के लिए प्रदेश की विधानसभा में संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मध्य प्रदेश खुले नलकूप में इंसानों की गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षा विधेयक 2024 को पेश किया था जिसे 05 जुलाई को सदन में सर्वसम्मिती से पास कर दिया गया है।

इस विधेयक को पास कर कानून बना दिया गया है। अब प्रदेश के किसी भी शहर या गांव में बोरवेल खनन के पहले अनुमति लेनी होगी। आप परमिशन के बाद ही काम शुरू कर सकते हैं।

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जनता को परमिशन देने के लिए जल्द ही एक वेब पोर्टल तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही नलकूप को खुला छोड़ने पर 10 हजार से 25 हजार रुपए तक का जुर्माना भरना होगा।

खुले बोरवेल पर दुर्घटना होने पर या मृत्यु होने पर बोरवेल के मालिक और ड्रिल करने वाली कंपनी से बचाओ कार्यों में होने वाले खर्च की राशि बसूली जाएगी।

ड्रिलिंग एजेंसी का होगा गठन

मध्‍य प्रदेश सरकार ने पारित किए गए विधेयक में प्रावधान किया गया है कि बोरवेल खनन में होने वाली घटना के लिए एक ड्रिलिंग एजेंसी का गठन किया जाएगा।

बोरवेल खनन के पहले आपको इसी एजेंसी से परमिशन लेनी होगी। इसके साथ ही एक वेब पोर्टल भी तैयार किया जाएगा जिसमें नलकूप खनन के स्थान पर खनन करने वाली कंपनी का नाम और जिस जगह पर बोरवेल हो रही है उसके मालिक के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी।

इस अधिनियम में प्रावधान किया गया है कि बेकार या काम नहीं आने वाली बोरवेल और नलकूपों को आगामी 3 माह के अंदर भूमि स्वामी को बंद करना होगा। जिले के सक्षम अधिकारी को नलकूप के क्षेत्र का निरीक्षण करने और दुर्घटना रोकने के उपाय करने के अधिकारी होंगे।

आप भी करें शिकायत और पाएं इनाम

इस विधेयक में बताया गया है कि जिला के अधिकारी ऐसे खुले बोरवेल या नलकूप के संबंध में या तो खुद ही संज्ञान ले सकेगें या किसी व्यक्ति द्वारा शिकायत करने पर उस पर कार्रवाई सकेगें।

किसी व्‍यक्ति द्वारा की गई शिकायत सही पाए जाने पर शिकायतकर्ता को इनाम भी दिया जाएगा।

भूमि स्वामी यदि बोरवेल को बंद नहीं करतें हैं तो उसको बंद करने पर आने वाला खर्च भूमि स्वामी से ही वसूला जाएगा।

इसके साथ ही यदि बोरवेल में कोई दुर्घटना होती है तो जमीन का मालिक और बोरवेल खनन करने वाली कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।

बोरवेल खुला छोड़ने पर मिलेगा नोटिस

इस विधेयक में प्रावधान किया गया है कि बोरवेल को खुला छोड़ने पर सबसे पहले संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी किया जाएगा।

पहली बार अपराध के लिए 10 हजार रुपए का जुर्माना और इसके बाद भी अपराध करने पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

यदि बोरवेल में कोई घटना होती है तो बचाओ कार्य में आने वाले खर्च की राशि संबंधित जमीन के मालिक और संबंधित कंपनी से वसूली जाएगी।

प्रदेश में हो चुकी है कई घटनाएं

मध्‍य प्रदेश में बच्‍चों की बोरवेल में गिरने की घटनाएं सामने आती रहती है। कुछ समय पहले अप्रैल के महीने में एक 6 साल का रीवा मयंक बोरवेल में गिर गया था।

इसी तरह की तमाम घटनाएं प्रदेश में अक्‍सर होती रहती हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इस नए कानून के आ जाने के बाद इन घटनाओं पर रोक लगेगी।

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