MP nagriya nikay chunav : निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस का बड़ा फैसला, नेताओं की पत्नियों को नहीं दिया जाएगा टिकट

भोपाल। मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव MP nagriya nikay chunav की तारीख भले ही कुछ महीनों के लिए टल गया हो, लेकिन कांग्रेस ने चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी है.पीसीसी चीफ कमलनाथ ने चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रभारी और सह प्रभारियों की बैठक ली.

MP nagriya nikay chunav : निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस का बड़ा फैसला, नेताओं की पत्नियों को नहीं दिया जाएगा टिकट

भोपाल। मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव MP nagriya nikay chunav की तारीख भले ही कुछ महीनों के लिए टल गया हो, लेकिन कांग्रेस ने चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी है.पीसीसी चीफ कमलनाथ ने चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रभारी और सह प्रभारियों की बैठक ली. इस दौरान कमलनाथ ने बैठक में मौजूद सभी लोगों को मूल मंत्र देते हुए कहा कि आज की राजनीति और समय परिवर्तित हो चुका है, जिसने परिवर्तन को अपना लिया वही सफल है साथ ही कहा कि निकाय चुनाव को छोटा चुनाव ना समझें.

तय समय सीमा में कांग्रेस कार्यालय भेजने होंगे

वहीं बैठक में बड़ा फैसला ये लिया गया कि नेताओं की पत्नियों को टिकट नहीं दिया जाएगा और सिर्फ राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय महिलाओं को ही मौका मिलेगा. आपको बता दें कि 16 नगर निगम में से 7 नगर निगम महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं. इसके अलावा कमलनाथ ने सभी प्रभारियों और सह प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में निष्पक्ष रूप से प्रत्याशियों का चयन करने की जिम्मेदारी दी है और उम्मीदवारों के नाम तय समय सीमा में कांग्रेस कार्यालय भेजने होंगे.

हमें वार्ड स्तर तक पार्टी की जीत के लिए कार्य करना है
कार्यक्रम में मौजूद कमलनाथ ने प्रभारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में निष्पक्ष तरीके से योग्य उम्मीदवारों का चयन करें और योग्य उम्मीदवारों के नाम प्रदेश कांग्रेस कमेटी को तय समय सीमा में सौंपें। कांग्रेस की पेठ वार्ड स्तर व पंचायत स्तर तक है। उन्होंने कहा कि वार्ड के परिणाम यदि अच्छे होंगे तो महापौर व अध्यक्षों के परिणाम भी अच्छे मिलेंगे। इसीलिए हमें वार्ड स्तर तक पार्टी की जीत के लिए कार्य करना है।

कमलनाथ ने कहा कि आज की राजनीति व समय परिवर्तित हो चुका है, जिसने परिवर्तन को अपना लिया वही सफल।अब वह समय गया कि जब एक व्यक्ति हजारों मतदाताओं को किसी एक के पक्ष में करने की गारंटी ले लिया करता था। आज तो वह समय है जिसमें एक व्यक्ति अपने घर के व घर के आसपास के वोटों की भी गारंटी नहीं ले सकता है। नगरीय निकाय चुनाव को छोटा चुनाव ना समझें।

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