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होशंगाबाद में BJP की रिकॉर्ड जीत: पहली बार सांसद बने दर्शन सिंह, BJP के गढ़ में इस बार भी नहीं बदले परिणाम

Darshan Singh Won Hoshangabad Seat: दर्शन सिंह चौधरी ने 431696 वोटों से जीत दर्ज की. वे पहली बार सांसद बने हैं.

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Rohit Sahu
होशंगाबाद में BJP की रिकॉर्ड जीत: पहली बार सांसद बने दर्शन सिंह, BJP के गढ़ में इस बार भी नहीं बदले परिणाम

Darshan Singh Won Hoshangabad Seat: लोकसभा चुनाव 2024 में होशंगाबाद सीट पर एक बार फिर बीजेपी ने बाजी मारी है। बीजेपी के प्रत्याशी दर्शन सिंह चौधरी ने कांग्रेस उम्मीदवार संजय शर्मा को 4 लाख 31 हजार वोटों से हराया है. होशंगाबाद सीट (Hoshangabad Seat Result) पर एमपी के दूसरे चरण में 26 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। इस सीट पर कुल 67.21% मतदान हुआ था। दर्शन पहली बार सांसद चुने गए हैं. बता दें इस सीट पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने अपने प्रत्याशी बदले थे. 

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दर्शन सिंह पहली बार बने सांसद 

बीजेपी ने दर्शन सिंह पर पहली बार भरोसा जताया. वे भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं. बीजेपी ने 2019 में सांसद रह चुके उदय प्रताप सिंह का टिकट काटकर दर्शन सिंह को टिकट दिया था. दरअसल उदय प्रताप सिंह इस समय मध्यप्रदेश सरकार में बतौर शिक्षा एवं परिवहन मंत्री है।

कांग्रेस के तीन बार के विधायक का नहीं चला जादू 

कांग्रेस ने तीन बार के विधायक संजय शर्मा को टिकट दिया था. हालांकि वे पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे. संजय शर्मा को बीजेपी के सामने हार का सामना करना पड़ा. 2003 में पहली बार विधायक का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। वह तीन बार विधायक रह चुके हैं.

होशंगाबाद सीट का इतिहास

होशंगाबाद में पहली बार 1951 में लोकसभा चुनाव करवाएं गए थे। इसमें कांग्रेस के सैयद अहमद ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1952 में यहा उपचुनाव हुए थे, जिसमें प्रज्ञा सोशलिस्ट पार्टी के एचवी कामथ चुनाव जीते थे।

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इसके बाद एक बार फिर इस सीट पर 1957 में कांग्रेस ने वापसी की, लेकिन 1962 में एक बार फिर कांग्रेस को यह सीट गंवानी पड़ी और प्रज्ञा सोशलिस्ट पार्टी के हरिविष्णु कामथ ने जीत दर्ज की।

फिर 1967 और 1971 में लगातार दो बार यहां की जनता ने कांग्रेस प्रत्याशी नीतिराज सिंह को जीत दिलाई, लेकिन 1977 में पहली बार यहां जनता पार्टी ने बाजी मारी। जहां पहले इस सीट पर कांग्रेस और प्रज्ञा सोशलिस्ट पार्टी जीतती आ रही थी वहीं इस बार जनता ने जनता पार्टी पर दांव लगाया।

मगर उसके बाद 1980 और 1984 में यहां से एक बार फिर कांग्रेस ने कमाल की वापसी की और रामेश्वर नीखरा को दो बार सांसद बनाकर भेजा। इसके बाद 1989 में यहां पर बीजेपी के सरताज सिंह ने पहली बार जीत दर्ज की और 1999 तक बैक टू बैक यहां से चुनाव जीतते रहे।

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2009 में एक बार फिर यहां पर कांग्रेस ने वापसी की लेकिन यह अपनी इस जीत का ज्यादा कायम नहीं रख सकी और 2014 और 2019 में एक बार फिर यहां पर भारतीय जनता पार्टी ने कमाल की वापसी की।

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