बालाघाट में BJP को मिला लाड़ली बहना का साथ: पहली बार सांसद बनीं भारती पारधी, बीजेपी ने लगाया जीत का सिक्सर

MP Loksabha Chunav Result 2024: बालाघाट में BJP को मिला लाड़ली बहना का साथ: पहली बार सांसद बनीं भारती पारधी, बीजेपी ने लगाया जीत का सिक्सर!

बालाघाट में BJP को मिला लाड़ली बहना का साथ: पहली बार सांसद बनीं भारती पारधी, बीजेपी ने लगाया जीत का सिक्सर

MP Loksabha Chunav Result 2024: लोकसभा चुनाव 2024 में बालाघाट सीट पर बीजेपी ने छठवीं बार बाजी मारी है। भारती पारधी ने कांग्रेस के सम्राट सरस्वार को करीब 1 लाख 74 हजार 512 लाख वोटों से मात दी। इस सीट पर बीते 26 सालों से बीजेपी का कब्जा है। बालाघाट सीट पर एमपी के पहले चरण में 19 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। इस सीट पर कुल 71.08% मतदान हुआ था। भारती पारधी पहली बार सांसद बनी हैं.

भारती पारधी पहली बार बनीं सांसद

बालाघाट सीट पर पिछले 26 साल से भारतीय जनता पार्टी का कब्जा रहा है। जबकि यहां पर पहली बार भारती पारधी के रूप में महिला प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतारा था. जो पार्टी के निर्णय पर खरी उतरीं वे पहली बार सांसद चुनी गईं हैं. भारती का पवार जाति पर खासा प्रभाव है।

26 सालों से बीजेपी का कब्जा

यहां पर बीजेपी ने 2019 में ढाल सिंह बिसेन को टिकट दिया था और उन्होंने भारी जीत हासिल की थी। 1998 से लेकर अब तक बीजेपी ने कुल 6 चुनाव और एक बार उपचुनाव जीता है। 1999 में प्रहलाद पटेल, 2004 में गौरीशंकर बिसेन, 2007 उपचुनाव में चरण प्रताप सिंह, 2009 में केडी देशमुख, 2014 में बोध सिंह भगत और 2019 में ढाल सिंह बिसेन सांसद रहे।

कांग्रेस के सम्राट सरस्वार हुए फेल

भारती पारधी के सामने कांग्रेस के सम्राट सरस्वार फेल हो गए. उनको टिकट दिए जाने के बाद से ही उनका विरोध शुरू हो गया था. उनके विरोध में 3 विधायक दिल्ली पहुंच गए थे। हालांकि सम्राट पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे. जिमसें वे जीत हासिल नहीं कर पाए.

बालाघाट सीट का इतिहास

आजादी मिलने के बाद साल 1952 में देश के पहले लोकसभा चुनाव हुए थे। इसी दौरान पहली बार बालाघाट में भी लोकसभा चुनाव हुए थे। पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी चिंतारमन राव गौतम चुनाव जीते थे। फिर एक बार 1957 में कांग्रेस की टिकट पर चिंतारमन ने बालाघाट से लगातार दूसरा चुनाव जीता था। इसके बाद 1962 के लोकसभा चुनाव में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने जीत हासिल की और भोलाराम रामजी सांसद बने। हालांकि, कांग्रेस ने 1967 में एक बार फिर वापसी कर ली और चिंतारमन फिर एक बार सांसद बने। चिंतारमन ने 1971 में भी जीत दर्ज की और कांग्रेस को फिर लगातार दो बार विजयी बनाया।

कांग्रेस यहां पर कई बात सत्ता में आई है, लेकिन 1998 के बाद से यहां पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा रहा है। बीजेपी ने यहां से हर बार चुनावी मैदान में अलग चेहरा उतारा है और हर बार उससे जीत मिली है। बालाघाट लोकसभा सीट पर कुल 13 लाख 14 हजार 181 मतदाता हैं। जिसमें पुरुष मतदाता 6,54000 और महिला मतदाता 6,59000 हैं। बालाघाट सीट पर महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले कहीं ज्यादा है।

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