Karwa Chauth Special Story: राजा दशरथ के तरह यहां है एक पति की तीन पत्नियां ! पढ़िए चित्रकूट की ये अनोखी कहानी

MP Karwa Chauth Special Story: राजा दशरथ के तरह यहां है एक पति की तीन पत्नियां ! पढ़िए चित्रकूट की ये अनोखी कहानी

सतना।Karwa Chauth Special Story आज जहां पर सुहागन स्त्रियां करवा चौथ का व्रत मना रही है वहीं पर इस मौके पर पूजा के विधान और मुहूर्त के अलावा कई ऐसी ही किस्से और कहानियां है जो आपने सुनी होगी जिसमें प्राचीन युग की तरह ऐसे ही मध्यप्रदेश के सतना से करवा चौथ की अनोखी कहानी सामने आई है जहां पर एक व्यक्ति की तीन पत्नियां हैं जो आज खास मौके पर अपने पति की लंबी आयु के लिए एक साथ व्रत रखती है। आगे पढ़े ये चर्चित कहानी-

तीनों एक साथ मनाती हैं करवा चौथ का व्रत

आपको इस कहानी में बताते चलें कि, यह अनोखा मामला सतना जिले के चित्रकूट का बताया जा रहा है जहां पर एक अनोखा परिवार चर्चित बना हुआ है जिसमें कृष्णा नामक इस युवक की तीनों पत्नियां मिलकुलकर रहती हैं। तीनों पत्नियां आपस में सगी बहनें हैं, इनके नाम हैं शोभा, रीना और पिंकी। तीनों बहनों ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से पीजी की पढ़ाई की है जिन्होंने एक साथ 12 साल पहले ही एक साथ पति के रूप में कृष्णा को स्वीकार किया था। तीनों पत्नियां अपने पति को भगवान की तरह दशरथ का अवतार मानती हैं। जब भी करवा चौथ (Karwa Chauth) आता है इस परिवार की तस्वीर वायरल हो जाती है। इस बार भी यह तस्वीर वायरल हो रही है।

कैसे एक साथ खुश है ये पत्नियां

यहां पर अपने पति को लेकर तीनों पत्नियों के बीच बेहद प्यार है जिन्होंने  अयोध्या के राजा दशरथ को आदर्श मानकर चित्रकूट की तीन सगी बहनों ने एक ही युवक से न केवल शादी की बल्कि सुहाग के पर्व करवा चौथ भी कई वर्षों से मिलजुलकर मनाती आ रही हैं। पश्चिम सभ्यता के बढ़ते चलन से जहां भारत में संयुक्त परिवारों की प्राचीन परंपरा का अस्तित्व खत्म हो रहा है वहीं तीन बहनों ने 15 साल से ज्यादा शादी चलाकर समाज को नया संदेश दिया है। लोगों ने इस विवाह को उस समय गलत कहा था लेकिन अब इसे लेकर सब मिसाल देते नहीं थकते है।

भरा पूरा है परिवार

आपको बताते चलें कि, 15 साल के वैवाहिक जीवन में तीनों बहनों के दो-दो बच्चे भी हैं। चित्रकूट में एक पति और इसकी तीन पत्नियों वाला यह परिवार खुद को सतयुग और त्रेतायुग के राजा-महाराजाओं जैसा मानता है। पूरा परिवार कांशीराम कॉलोनी लोढवारा में निवास करता है। इस प्रकार इस कहानी में पति को लेकर पत्नियों का समर्पण नजर आता है।

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