MP Jail New Rules: अंबेडकर, गांधी जयंती, जनजातीय गौरव दिवस पर भी मिलेंगी रिहाई, 12 कैदियों को दी माफी, क्या है नए नियम ?

Madhy Pradesh (MP) Jail New Rules: मध्यप्रदेश की जेल में सजा काट रहे कैदियों को सालभर में पांच मौकों पर रिहाई दी जाएंगी। अब तक एक साल में सिर्फ दो अवसर पर माफी दी जाती रही हैं।

MP Jail New Rules

MP Jail New Rules

Madhy Pradesh (MP) Jail New Rules: मध्यप्रदेश की जेल में सजा काट रहे कैदियों के लिए एक अच्छी खबर है। अब कैदियों को सालभर में पांच मौकों पर रिहाई दी जाएंगी। अब तक एक साल में सिर्फ दो अवसर पर माफी दी जाती रही हैं। कैदियों के लिए क्या नया रूल आया है, आईए आगे पढ़िए खबर।

शुक्रवार, 15 अगस्त 2025 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जबलपुर की नेताजी सुभाष चंद्र बोस सेंट्रल जेल से 12 कैदियों को रिहा किया गया हैं। इनमें 11 पुरुष और एक महिला शामिल हैं। आरोपियों में डिंडोरी, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी, छिंदवाड़ा और बालाघाट जिलों के कैदी शामिल थे। रिहा किए गए कैदियों को उनकी मेहनत का पारिश्रमिक और प्रशिक्षण किट दी गई है, ताकि वे जेल के बाहर एक नई शुरुआत कर सकें।

अभी दो अवसर पर मिलती थी माफी

जबलपुर जेल के उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश के मुताबिक, अब कैदियों की रिहाई के लिए पांच अवसर तय किए गए हैं। पहले कैदियों को केवल 15 अगस्त और 26 जनवरी को ही रिहा किया जाता रहा है।

किस परिस्थिति में रिहाई का नियम

कैदियों की रिहाई के कुछ मापदंड है, जिनमें जिन कैदियों ने 14 साल की सजा पूरी कर ली, कैदियों के अच्छे आचरण पर उन्हें 6 साल की माफी दी जाती है। जेल नियमों के पालन, औद्योगिक प्रशिक्षण में भागीदारी और परिवार से जुड़े रहने जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।

इन अवसरों पर मिलेंगी रिहाई

  • 26 जनवरी गणतंत्र दिवस
  • 14 अप्रैल अंबेडकर जयंती
  • 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस
  • 2 अक्टूबर गांधी जयंती
  • 15 नवंबर जनजातीय गौरव दिवस
हमें XFacebookWhatsAppInstagram पर फॉलो करें। हमारे यू-ट्यूब चैनल Bansal News MPCG को सब्सक्राइब करें।

मीसाबंदी ने सम्मान लेने से किया इनकार: मंत्री Inder Singh से कहा रिश्वत नहीं दी तो रजिस्ट्री नहीं की, मुझे न्याय चाहिए

Inder Singh Parmar Misabandi Video Independence Day Damoh hindi news

Inder Singh Parmar Misabandi Video Damoh: मध्यप्रदेश के दमोह में स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में मीसाबंदी संतोष भारती ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के हाथों सम्मान लेने से इनकार कर दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article