Heart Infinity Hospital: कांग्रेस नेता और हॉस्पिटल स्टाफ में मारपीट, आयुष्मान कार्ड से इलाज को लेकर विवाद, FIR दर्ज

जबलपुर के हार्ट इनफिनिटी हॉस्पिटल में कांग्रेस नेता विजय रजक और हॉस्पिटल स्टाफ के बीच झड़प हो गई। मामले में ओमती थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मरीज के पास आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद 20 हजार रुपए की मांग के बाद पूरा विवाद बढ़ा।

Heart Infinity Hospital: कांग्रेस नेता और हॉस्पिटल स्टाफ में मारपीट, आयुष्मान कार्ड से इलाज को लेकर विवाद, FIR दर्ज

हाइलाइट्स

  • जबलपुर कांग्रेस नेता और हॉस्पिटल स्टाफ में मारपीट।
  • अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस में की शिकायत, FIR दर्ज।
  • अस्पताल पर आयुष्मान कार्ड होने पर भी पैसे लेने का आरोप।

Jabalpur Heart Infinity Hospital controversy: जबलपुर का हार्ट इनफिनिटी हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में आया है। अब अस्पताल प्रबंधन पर पेशेंट के पास आयुष्मान कार्ड के बावजूद अतिरिक्त पैसे लेने के आरोप लगे हैं। इसका विरोध करने पहुंचे कांग्रेस नेता विजय रजक (Congress leader Vijay Razak) और अस्पताल स्टाफ के बीच झड़प हो गई। कांग्रेस नेता रजक ने हॉस्पिटल में घुसकर स्टाफ से मारपीट की और हंगामा कर दिया। अब मामले में हॉस्पिटल प्रबंधन ने ओमती थाने में शिकायत की है। पुलिस ने आरोपी नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पूरे विवाद का वीडियो भी सामने आया है।

जानें पूरा मामला

दरअसल, जबलपुर के पनागर निवासी विष्णु प्रसाद को छाती में तेज दर्द की शिकायत पर 14 जून को हार्ट इनफिनिटी हॉस्पिटल (Jabalpur Heart Infinity Hospital) में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने ब्लॉकेज बता कर इलाज के लिए 5 मिनट में डिसीजन लेने की बात कही। परिवार का आरोप है कि आयुष्मान कार्ड (Ayushman card) से ऑपरेशन कराने की बात पर संचालक डॉ. अंकित अग्रवाल के असिस्टेंट ने कहा कि आयुष्मान योजना के बाद भी इलाज के लिए 20 हजार रुपए ज्यादा लगेंगे। जिसको लेकर परिवार ने नाराजगी जताई।

इलाज के बाद घर पहुंचने पर बिगड़ी तबीयत

डॉक्टरों की टीम पहले आयुष्मान योजना के तहत ऑपरेशन पर सहमत हुई और एंजियोप्लास्टी करने के बाद मरीज को 24 घंटे में डिस्चार्ज कर दिया गया। लेकिन घर लौटने के दो दिन बाद फिर से हालत बिगड़ी। इसके बाद परिजन दोबारा अस्पताल पहुंचे और जब उन्होंने मरीज की हालत को लेकर सवाल किया तो अस्पताल के संचालक डॉ. अंकित अग्रवाल नाराज हो गए।

उन्होंने गुस्से में कहा कि "आयुष्मान योजना में मुफ्त इलाज भी चाहिए और सवाल भी कर रहे हो!" सिर्फ इतना ही नहीं, डॉ. अग्रवाल ने मरीज को अस्पताल से छुट्टी देने की बात कह दी। परिजन जब इसका विरोध करने लगे तो अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षा गार्ड (बाउंसर) बुलाकर परिजनों को जबरन अस्पताल से बाहर निकलवा दिया।

कांग्रेस नेता रजक ने किया हस्तक्षेप

इस पूरे घटनाक्रम से परिजनों में भारी आक्रोश है और उन्होंने आरोप लगाया है कि आयुष्मान योजना का लाभ देने के नाम पर पहले तो पैसे मांगे गए और फिर इलाज में लापरवाही बरती गई। इसके बाद मामले में युवा कांग्रेस अध्यक्ष विजय रजक ने गंभीरता दिखाई, वे कार्यकर्ताओं के साथ शनिवार को अस्पताल पहुंचे।

आयुष्मान कार्ड से इलाज पर विवाद

युवा कांग्रेस अध्यक्ष विजय रजक ने अस्पताल पहुंचकर आरोप लगाया कि जब मरीज के पास सरकारी सुविधा (आयुष्मान कार्ड) है, तो अतिरिक्त राशि की मांग गलत है। इस बात पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया और हाथापाई की नौबत आ गई। आरोप है कि कांग्रेस नेता रजक ने स्टाप के साथ मारपीट की है।

ये खबर भी पढ़ें...MP में दिनदहाड़े महिला और 2 बच्चे किडनैप, पति को पीटा, पुलिस ने तीनों को बचाया, 5 गिरफ्तार

कांग्रेस नेता के खिलाफ थाने में शिकायत

मामले में अस्पताल प्रबंधन ने ओमती थाने में शिकायत कर एफआईआर दर्ज कराई है। कांग्रेस नेता विजय रजक पर डॉक्टरों पर हमला करने का आरोप लगा है। वहीं मामले में विजय रजक ने CMHO से शिकायत दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी इनफिनिटी अस्पताल के संचालक ने मरीज से पैसे लिए हैं।

पहले भी हुआ अस्पताल में विवाद

यह कोई पहली घटना नहीं है पहले भी इनफिनिटी अस्पताल से जुड़े विवाद सामने आ चुके हैं। इसी अस्पताल में कुछ दिनों पर डॉक्टरों और अधिवक्ताओं के बीच भी हाथापाई का मामला सामने आया था। जिसके बाद पुलिस ने मध्यस्थता कर मामला शांत कराया था।

ऐसी ही ताजा खबरों के लिए बंसल न्यूज से जुड़े रहें और हमें XFacebookWhatsAppInstagram पर फॉलो करें। हमारे यू-ट्यूब चैनल Bansal News MPCG को सब्सक्राइब करें।

MP Nursing Colleges Verification: एमपी में नर्सिंग कॉलेजों की होगी सख्त जांच, 30 जून तक फिजिकल वेरिफिकेशन अनिवार्य

publive-image

मध्य प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा में सुधार के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 30 जून 2025 तक सभी नए और संदिग्ध नर्सिंग कॉलेजों का फिजिकल सत्यापन होगा। फर्जी कॉलेजों और CBI जांच में अपात्र पाए गए संस्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। निरीक्षण के लिए संयुक्त टीमों का गठन किया जाएगा, जो प्रत्येक संस्थान का मूल्यांकन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article