सात महीने से नियुक्ति का इंतजार: चयन के बाद भी 326 ITI प्रशिक्षक भटक रहे, 582 पद खाली, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया अटकी

MP ITI Instructor Recruitment: मध्य प्रदेश में ITI प्रशिक्षक भर्ती परीक्षा के 7 महीने बाद भी चयनित 326 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। राज्य के 220 से अधिक आईटीआई कॉलेजों में 582 पद खाली हैं, लेकिन प्रक्रिया ट्रांसफर-पोस्टिंग और लापरवाही में अटकी हुई है।

सात महीने से नियुक्ति का इंतजार: चयन के बाद भी 326 ITI प्रशिक्षक भटक रहे, 582 पद खाली, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया अटकी

ITI Instructor Appointment Delay: मध्य प्रदेश में कौशल विकास को लेकर सरकार की लाख घोषणाओं और प्रयासों के बावजूद हकीकत यह है कि प्रदेश के 220 से अधिक शासकीय आईटीआई कॉलेजों में 582 पद रिक्त पड़े हैं। जबकि मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा चयनित 326 प्रशिक्षण अधिकारी पिछले 7 महीने से नियुक्ति पत्र के इंतजार में भटक रहे हैं।

इन प्रशिक्षकों ने सितंबर-अक्टूबर 2024 में हुई भर्ती परीक्षा पास की थी, परिणाम दिसंबर में आया, दस्तावेजों का सत्यापन फरवरी 2025 में हो चुका, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं हो पाई है।

नया सत्र शुरू, लेकिन प्रशिक्षक नहीं

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प्रदेश के अधिकांश सरकारी आईटीआई कॉलेजों में नया सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन प्रशिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है क्योंकि प्रशिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। वहीं चयनित उम्मीदवार नियुक्ति के लिए भोपाल मंत्रालय, जबलपुर स्थित कौशल विकास संचालनालय और गोविंदपुरा स्थित ग्लोबल स्किल पार्क के चक्कर काट रहे हैं।

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कानून की भी अनदेखी

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के नियमों के अनुसार, किसी भी चयन परीक्षा के परिणाम आने के तीन माह के भीतर नियुक्ति देना अनिवार्य है। इतना ही नहीं, परिणाम की वैधता केवल एक वर्ष के लिए होती है। यदि समय रहते नियुक्ति न हो, तो पूरी प्रक्रिया कानूनी विवाद में फंस सकती है। GAD के 2014 के सर्कुलर के अनुसार देरी की स्थिति में विभाग प्रमुख की जवाबदेही भी तय की गई है, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट कार्यवाही सामने नहीं आई है।

OBC आरक्षण विवाद और होल्ड पद

चयन प्रक्रिया के दौरान उच्च न्यायालय के निर्देश थे कि केवल 13% पदों पर ही होल्ड रखा जाए, लेकिन संचालनालय ने 121 पद (लगभग 27%) को होल्ड पर रख दिया। परिणाम घोषित होने के बाद चयनित उम्मीदवारों की सूची जारी की गई और फरवरी 2025 में दस्तावेज सत्यापन भी संपन्न हुआ, लेकिन इसके बाद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

चयनितों ने मंत्री से भी लगाई गुहार

अब तक चयनित अभ्यर्थी दो बार राज्य सरकार के तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग के राज्यमंत्री गौतम टेटवाल से मिलकर ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकल पाया है।

क्या बोले मंत्री गौतम टेटवाल?

तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के स्वतंत्र प्रभार मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया के चलते नियुक्ति में देरी हुई है। यह पता लगाने में समय लग गया कि कहां कितनी पोस्ट खाली हैं। अब फाइल मंत्रालय में आ चुकी है, इसलिए उम्मीद है कि नियुक्ति प्रक्रिया में अब और देरी नहीं होगी।

अब तक की भर्ती प्रक्रिया का टाइमलाइन

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