मप्र में नई औद्योगिक नीति जल्दी होगी लागू! हर कर्मचारी को 7 हजार रुपये प्रतिमाह इंसेंटिव का लाभ

मध्यप्रदेश में नई औद्योगिक नीति लागू होने जा रही है। इसमें कर्मचारियों को इंसेंटिव्स के लाभ दिये गए हैं। और रोजगार पर खास फोकस किया जा रहा है।

MP Industrial Policy 2025

MP Industrial Policy 2025: जल्दी ही औद्योगिक नीति 2025 लागू होने जा रही हैं। मध्यप्रदेश सरकार जल्दी ही इन नीतियों को लागू करेगी। औद्योगिक नीति 2025 के लिए मंत्री परिषद समिति और राज्य स्तरीय साधिकार समिति गठित कर प्रस्ताव तैयार हो गया है। बता दें, इस नीति में 12 से ज्यादा सेक्टर शामिल हैं।  

नई नीति में रोजगार पर खास फोकस

नई नीति के इन सेक्टर में रोजगार पर खास फोकस किया जाएगा। प्रदेश सरकार गारमेंट, फुटवियर और टॉय इंडस्ट्री को स्पेशल प्रमोशन देगी। इन 12 सेक्टर में यूनिट लगाने पर प्रोडक्शन शुरू करते ही 250 नई भर्तियों पर इंसेंटिव दिया जाएगा। 

15 हजार प्रति माह इंसेंटिव 

ये इंसेंटिव हर पुरुष कर्मचारी को 6 हजार रुपये और महिला कर्मचारी को 7 हजार रुपये प्रति माह 5 साल तक दिया जाएगा। इंसेंटिव का लाभ सिर्फ एक बार ही दिया जाएगा। ट्रेनिंग के लिए 15 हजार रुपये प्रति कर्मचारी इंसेंटिव भी दिया जाएगा। इंसेंटिव का लाभ सिर्फ मध्यप्रदेश के स्थानीय कर्मचारियों को दिया जाएगा। 

ग्रीन इंडस्ट्री को 5 करोड़ तक की मदद

नई नीति में ग्रीन हाइड्रोजन और ईवी सेक्टर में निवेश करने वाली कंपनियों को भी बड़ी छूट दी जाएगी। प्रदेश सरकार ग्रीन इंडस्ट्री को वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट लगाने के लिए 50% या ज्यादा से ज्यादा 5 करोड़ रुपए देगी। साथ ही जीरो लिक्विड डिस्चार्ज यूनिट के लिए 10 करोड़ की मदद मिलेगी। 

बिजली बिल में छूट 

इंडस्ट्री की स्थापना के लिए जमीन खरीदने पर 100% स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में max 5 करोड़ तक की मदद दी जाएगी। इसके अलावा एचटी कनेक्शन लेने वाली यूनिट को 7 साल के लिए बिजली बिल में छूट मिलेगी। टेक्सटाइल, गारमेंट, टायर्स, फुटवियर और एसेसरीज यूनिट के लिए 7 साल तक 2 रुपए प्रति यूनिट का रेट लागू किया जाएगा। 

बिजली, पानी, गैस… के खर्च में 50% की मदद

यदि यूनिट खुद के या लीज पर लिए लैंड पर स्थापित की जाती है, तो बिजली, पानी, गैस पाइपलाइन, ड्रेनेज और सीवेज खर्च का 50% या ज्यादा से ज्यादा 10 करोड़ रुपए तक की मदद दी जाएगी। वहीं पेटेंट, कॉपीराइट और ट्रेडमार्क का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।

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