भोपाल कलेक्टर को हाईकोर्ट के आदेश: 10 दिन में कार्य पूरा नहीं हुआ तो कोर्ट में उपस्थित होकर देना होगा जवाब

Bhopal News: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रेरा से जुड़े एक मामले में आरआरसी का निष्पादन नहीं करने पर भोपाल कलेक्टर को आदेश दिया है। कहा, यदि 10 दिनों में आरआरसी का निष्पादन नहीं होता तो कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देना होगा।

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हाइलाइट्स

  • एमपी हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को दिए आदेश
  • रेरा से जुड़े मामले में कोर्ट ने की सुनवाई
  • कहा- कलेक्टर कार्य पूरा करें, नहीं तो कोर्ट में जवाब दें

Bhopal News: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रेरा से जुड़े एक मामले में आरआरसी का निष्पादन नहीं करने पर भोपाल कलेक्टर को आदेश दिया है। अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा, यदि 10 दिनों में आरआरसी का निष्पादन नहीं होता तो कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देना होगा। यह दूसरी बार है जब भोपाल कलेक्टर के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई और कोर्ट ने नाराजगी जताई है।

जस्टिस ए.के. सिंह की अदालत में सोमवार, 3 मार्च को भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की अगली सुनवाई अब 12 मार्च को होगी।

दो मामलों में अवमानना याचिकाएं

जानकारी के मुताबिक एक बिल्डर के खिलाफ दो लोगों ने भोपाल कलेक्टर को शिकायत दी थी, जो रेरा से संबंधित थी। इस मामले में रेरा ने 2020 में भोपाल कलेक्टर को आदेश दिया था कि वह आरआरसी (राजस्व वसूली प्रमाण पत्र) के तहत इस केस का जल्द से जल्द निपटारा करें, लेकिन कलेक्टर ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।

इस देरी के चलते शिकायतकर्ता अरविंद वर्मा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 60 दिनों में आरआरसी जारी करने का निर्देश दिया था, लेकिन उन्होंने फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की।

इसी तरह, भोपाल निवासी भानु प्रताप ने भी बिल्डर के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें भोपाल कलेक्टर को कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था, परंतु यहां भी कोई पहल नहीं की।

[caption id="attachment_770047" align="alignnone" width="1021"]publive-image याचिकाकर्ताओं के वकील कपिल दुग्गल।[/caption]

कलेक्टर ने की कोर्ट की अवमानना

याचिकाकर्ता के वकी कपिल दुग्गल ने बताया कि बिल्डर हिमांशु इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज करवाई गई थीं। अरविंद वर्मा और भानु प्रताप ने शिकायत में बताया कि बिल्डर के पास उनका लगभग 50 लाख रुपए फंसा हुआ है।

रेरा ने इस शिकायत पर भोपाल कलेक्टर को आरआरसी के माध्यम से निपटारा करने का आदेश दिया था। जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने कलेक्टर को समय पर मामला निपटाने का आदेश दिया था, लेकिन कलेक्टर ने इसका पालन नहीं किया।

कोर्ट ने दिया कलेक्टर को 10 दिन का समय

जब कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बिल्डर के खिलाफ समय पर कोई कार्रवाई नहीं की, तो दोनों याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की।

पहली याचिका भानु प्रताप सिंह की थी, जिस पर 25 फरवरी को सुनवाई हुई। इसमें पाया गया कि भोपाल कलेक्टर ने कोर्ट के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट पेश नहीं की थी, जिससे नाराज होकर हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया और 12 मार्च को उपस्थित होने का आदेश दिया।

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दूसरी याचिका अरविंद वर्मा की थी, जिसमें हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर को 10 दिन में मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा।

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