MP High Court Live Streaming: आज से बंद हुई एमपी हाईकोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग, अदालत को लेना पड़ा यह फैसला?

Madhya Pradesh (MP) High Court Live Streaming Case Update; 15 सितंबर से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court) में आपराधिक मामलों की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग (Live Streaming) पूरी तरह बंद हो गई है

MP High Court Live Streaming: आज से बंद हुई एमपी हाईकोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग, अदालत को लेना पड़ा यह फैसला?

हाइलाइट्स

  1. 15 सितंबर से एमपी हाईकोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग बंद

  2. सोशल मीडिया दुरुपयोग पर अदालत का फैसला

  3. अब वेबेक्स लिंक से देख सकेंगे कार्यवाही

MP High Court Live Streaming Ban: आज यानी 15 सितंबर से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court) में आपराधिक मामलों की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग (Live Streaming) पूरी तरह बंद हो गई है। कोर्ट ने शुक्रवार (12 सितंबर) को दिए अपने आदेश में कहा था कि अब अगले आदेश तक किसी भी आपराधिक मामले की सुनवाई की सीधी झलक आम जनता को उपलब्ध नहीं होगी। अदालत ने यह कदम सोशल मीडिया पर हो रहे दुरुपयोग को देखते हुए उठाया है।

[caption id="" align="alignnone" width="1536"]publive-image एमपी हाईकोर्ट की आपराधिक मामलों की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग पूरी तरह बंद।[/caption]

वीडियो क्लिप्स का हो रहा था दुरुपयोग

हाईकोर्ट में दाखिल एक जनहित याचिका में कहा गया था कि आपराधिक मामलों की लाइव स्ट्रीमिंग को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। कई निजी संस्थाओं और यूजर्स द्वारा अदालती कार्यवाही के छोटे-छोटे हिस्सों को काटकर रील्स, मीम और क्लिप के रूप में पेश किया जा रहा था।

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अदालत का मानना है कि इस तरह की एडिटिंग से न सिर्फ न्यायिक प्रक्रिया की गंभीरता प्रभावित होती है, बल्कि लोगों तक गलत संदेश भी पहुंच सकता है। इसी आधार पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने फिलहाल लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने का आदेश दिया।

अब कैसे देख सकेंगे अदालती कार्यवाही

कोर्ट ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति कार्यवाही देखना चाहता है, वह अब भी वेबेक्स (Webex) लिंक के जरिए ऐसा कर सकता है। रजिस्ट्री को निर्देश दिया गया है कि वेबसाइट पर बिना किसी प्रतिबंध के वेबेक्स लिंक उपलब्ध कराए जाएं। लेकिन इसके साथ ही अदालत ने यह शर्त भी रखी है कि कोई भी व्यक्ति इस कार्यवाही की रिकॉर्डिंग नहीं कर सकेगा। यानी अब अदालत की कार्यवाही सिर्फ वेबेक्स पर लाइव देखी जा सकेगी, लेकिन उसे सेव या शेयर नहीं किया जा सकेगा।

कब तक लागू रहेगा आदेश

हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में कहा है कि यह रोक फिलहाल अस्थायी है और अगले आदेश तक लागू रहेगी। इस मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी। जनहित याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता अरिहंत तिवारी ने बताया कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग को देश में सबसे अधिक देखा जाता था। यही वजह है कि गलत उपयोग की संभावना और भी बढ़ गई थी। उन्होंने दलील दी कि न्यायालय की कार्यवाही को लेकर बनाए जा रहे मीम और क्लिप न्यायिक गरिमा के खिलाफ हैं। अदालत ने इन दलीलों पर सहमति जताई और आदेश जारी कर दिया।

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