MP में बाढ़ का अलर्ट: कई जिलों में जनधन की हानि, ग्‍वालियर-डबरा में फंसे लोगों को किया जाएगा एयरलिफ्ट, जानें मौसम का हाल

MP Weather News: मध्यप्रदेश में भारी बारिश के कारण 12 सितंबर गुरुवार को नर्सरी से कक्षा 8 तक की छुट्टी कर दी गई थी। स्ट्रॉन्ग सिस्टम के

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MP Weather News: मध्यप्रदेश में भारी बारिश के कारण 12 सितंबर गुरुवार को नर्सरी से कक्षा 8 तक की छुट्टी कर दी गई थी। स्ट्रॉन्ग सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज बारिश जारी का दौर जारी है। भोपाल, इंदौर, और जबलपुर सहित प्रदेश के 28 से अधिक जिलों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही ग्‍वालियर संभाग के सेंकरा व डबरा कस्बे में चारोंओर जल भराव होने के फंसे लोगों को (हेलीकॉप्टर से) एयरलिफ्ट कर सुरक्षित रूप से बाहर निकाला जाएगा।

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लोगों को किया जाएगा एयरलिफ्ट

ग्वालियर जिले की डबरा तहसील के ग्राम सेंकरा और डबरा कस्बे में जलभराव के चलते फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर निकालने के लिए एयरलिफ्टिंग की योजना बनाई गई है। इसके लिए हैदराबाद से वायुसेना के विशेष विमान द्वारा एनडीआरएफ का 60 सदस्यीय दल ग्वालियर के लिए रवाना हो चुका है।

ग्वालियर एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद, यह दल दो टीमों में बांटकर हेलीकॉप्टर के माध्यम से लोगों को एयरलिफ्ट करेगा और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएगा। इसके अलावा, ग्राम सेंकरा के राहत और बचाव कार्य के लिए तीन हेलीकॉप्टर भी हैदराबाद से रवाना हो चुके हैं। इन उपायों से जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य को तेजी से पूरा करने की कोशिश की जा रही है।

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जबलपुर में बाढ़ जैसे हालात

जबलपुर संभाग के जिलों में लगातार हो रही बारिश से हालात बेकाबू हो गए हैं। मंडला, डिंडोरी और सिवनी में मूसलाधार बारिश के चलते बरगी बांध के 17 गेट बुधवार को सवा तीन मीटर की ऊंचाई तक खोलने पड़े। बांध से करीब 8199 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नर्मदा नदी में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गौरीघाट में जल स्तर इतना बढ़ गया है कि उमा घाट स्थित उद्यान तक पानी पहुंच गया है।

भेड़ाघाट में प्रसिद्ध धुआंधार झरना भी पानी में पूरी तरह डूब गया है, जबकि लम्हेटा छोर का पुल और मार्बल पार्क भी प्रचंड जलधारा में समा गए हैं। गोटेगांव के समीप झांसीघाट पुल के डूबने से जबलपुर का नरसिंहपुर से संपर्क पूरी तरह कट गया है। स्थिति गंभीर बनी हुई है और राहत कार्यों के लिए प्रशासन सतर्क है।

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इन जिलों में बाढ़ का अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सूचित किया है कि आगामी 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। आपको बता दें कि तीव्र बाढ़ की संभावना वाले जिले श्योपुर कला, ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, सागर, निवाड़ी, और टीकमगढ़ हैं। इसी के साथ मध्यम बाढ़ की संभावना वाले जिले नीमच, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, उत्तरी धार, आगर, उत्तरी उज्जैन, मुरैना, बालाघाट, डिंडोरी, मंडला, दक्षिणी देवास, उत्तरी हरदा, नर्मदापुरम, सीहोर, शाजापुर, भोपाल, दमोह, छतरपुर, नरसिंहपुर, जबलपुर, पन्ना, सिवनी, और कटनी है। इन जिलों में नागरिकों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

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इन जिलों में है ओरेंज अलर्ट (MP Weather News)

मध्य प्रदेश के लिए मौसम विभाग द्वारा जारी किसान मौसम बुलेटिन के अनुसार, आगामी समय में भोपाल, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, देवास, शाजापुर, आगर, नीमच, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, गुना, दतिया, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। इस भारी बारिश के चलते सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। बरसाती नदी-नालों में बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका है। मौसम विभाग ने इन परिस्थितियों को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

आज इन जिलों में होगी बारिश (MP Weather News)

अरब सागर से आने वाली हवाओं के कारण बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप अगले 24 घंटों में भी बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। हालांकि, 12 सितंबर से सिस्टम की तीव्रता में थोड़ी कमी आएगी, लेकिन कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। विशेष रूप से, भोपाल, सागर और ग्वालियर संभाग में 14 सितंबर तक यही स्थिति बनी रहेगी, जहां बारिश की गतिविधि जारी रहेगी।

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