MP Heavy Rain Alert: रीवा, सीधी-सिंगरौली और मऊगंज में तेज बारिश का अलर्ट, MP के पूर्वी हिस्से में गिरेगा पानी

MP Heavy Rain Alert: मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से के रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अगले 24 घंटे में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

MP Heavy Rain Alert

MP Heavy Rain Alert

हाइलाइट्स

  • रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश का अलर्ट
  • सीधी में 9 घंटे में 2 इंच बारिश, इंदौर में भी तेजी से पानी गिरा
  • इस हफ्ते कई जिलों से विदाई लेगा मानसून

MP Heavy Rain Alert: मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से के रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अगले 24 घंटे में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में शनिवार को साढ़े 4 इंच तक बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही अन्य जिलों में हल्की बारिश हो सकती हैं। रविवार, 5 अक्टूबर से कहीं-कहीं बूंदाबांदी का अनुमान है। इस हफ्ते कई जिलों से मानसून विदाई लेगा।

जबलपुर, रीवा, शहडोल व सागर संभाग में बारिश

मौसम विभाग के अनुसार डिप्रेशन, डीप डिप्रेशन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) के सक्रिय होने की वजह से पिछले 2 दिन से कई जिलों में तेज बारिश हुई। दशहरे के दिन बैतूल, दतिया, ग्वालियर, नर्मदापुरम, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, छतरपुर, सागर, टीकमगढ़, बालाघाट में बारिश हुई। वहीं, शुक्रवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तेजी से पानी गिरा।

सीधी में 2 इंच बारिश

यह सिस्टम शनिवार को भी एक्टिव रह सकता है। इस कारण मौसम विभाग ने रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। उधर, इंदौर में शुक्रवार शाम को तेज बारिश हुई। जिसके चलते कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। सीधी में 9 घंटे में 2 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

10 अक्टूबर तक विदा होगा मानसून 

प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम भी शामिल हैं। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्सों से भी मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की वापसी के लिए अभी हालात अनुकूल नहीं हैं, लेकिन 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून विदाई ले लेगा।

आपको बता दें कि इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। यह एक दिन की देरी से प्रदेश में आया था। मौसम विभाग के मुताबिक, 6 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन नया सिस्टम बनने के कारण विदाई की तारीख आगे भी बढ़ सकती है।

गुना में सबसे ज्यादा बारिश

गुना में इस बार सबसे ज्यादा बारिश हुई है। यहां 65.6 इंच पानी गिरा। मंडला-रायसेन में 62 इंच से ज्यादा और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से अधिक बारिश हुई है। वहीं, शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में शामिल हैं। शाजापुर में 28.9 इंच, खरगोन में 29.6 इंच, खंडवा में 32 इंच, बड़वानी में 33.5 इंच और धार में 33.6 इंच बारिश हुई है।

एमपी के 5 बड़े शहरों में बारिश

जिलाअब तक हुई (इंच)इतनी होनी थी (इंच)कम/ज्यादा
भोपाल42.7237.655.07 ज्यादा
इंदौर36.3334.182.15 ज्यादा
जबलपुर46.0144.521.49 ज्यादा
ग्वालियर47.0128.4118.60 ज्यादा
उज्जैन33.7534.821.07 कम

(स्रोत : मौसम विभाग के अनुसार,30 सितंबर तक इंच में औसत बारिश) ✅

एमपी के इन 5 जिलों में सबसे ज्यादा बारिश

जिलाअब तक हुई (इंच)इतनी होनी थी (इंच)कम/ज्यादा
गुना65.6737.0428.63 ज्यादा
मंडला62.5947.1315.46 ज्यादा
रायसेन62.0342.7019.33 ज्यादा
श्योपुर56.7326.2430.50 ज्यादा
अशोकनगर56.2833.7122.57 ज्यादा

(स्रोत : मौसम विभाग के अनुसार, इंच में औसत, 30 सितंबर) ✅

एमपी के इन 5 जिलों में सबसे कम बारिश

जिलाअब तक हुई (इंच)इतनी होनी थी (इंच)कम/ज्यादा
शाजापुर28.9235.676.74 कम
खंडवा31.9831.070.92 ज्यादा
खरगोन29.5728.321.25 ज्यादा
बड़वानी33.5426.357.19 ज्यादा
धार33.6432.241.41 ज्यादा

(स्रोत : मौसम विभाग के अनुसार, इंच में औसत, 30 सितंबर) ✅

ग्वालियर, चंबल-सागर संभाग सबसे ज्यादा बारिश

जब से मानसून एमपी में आया है, तब से पूर्वी हिस्से जैसे जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में जोरदार बारिश हो रही है। यहाँ बारिश के लिए एक मजबूत सिस्टम सक्रिय रहा है। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया और कई अन्य जिलों में बाढ़ आ गई है।

ग्वालियर-चंबल में भी मानसून ने खूब बरसात की है। यहाँ के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं। 49 में से भोपाल संभाग के 5, इंदौर के 8, जबलपुर के 8, ग्वालियर के 5, सागर के 6, उज्जैन के 4, चंबल के सभी 3, शहडोल के 3, रीवा के 5 और नर्मदापुरम संभाग के 3 जिले शामिल हैं।

ये भी पढ़ें: उज्जैन ट्रैक्टर ट्रॉली हादसा: 3 मासूमों की गई जान, मृतकों के परिवार से मिले सीएम मोहन यादव, 4-4 लाख की राहत राशि की मदद

इंदौर संभाग की स्थिति में सुधार 

इस मानसूनी सीजन की शुरुआत से ही इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति कुछ खास नहीं थी। एक समय तो ऐसा था जब इंदौर में प्रदेश में सबसे कम बारिश हुई थी। ऐसे में सवाल उठ रहे थे कि क्या इस बार इंदौर में सामान्य बारिश भी होगी? लेकिन सितंबर में हुई तेज बारिश के चलते इंदौर में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया। संभाग के सभी जिलों में बारिश की स्थिति भी बेहतर हो गई। दूसरी ओर, उज्जैन जिले में अभी भी कोटा पूरा नहीं हुआ है। सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर पहले स्थान पर है।

Gwalior Mahal Road: ग्वालियर की महल रोड 10 दिन में 8 बार धंसने पर एक्शन, निगम के 2 प्रभारी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सस्पेंड

Gwalior Mahal Road case two in charge Executive Engineer suspend hindi news

Gwalior Mahal Road: ग्वालियर की महल रोड (चेतकपुरी सड़क) के बार-बार धंसने के मामले में ग्वालियर नगर निगम के 2 प्रभारी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सस्पेंड कर दिए गए हैं। इंजीनियर पवन सिंघल और सुरेश अहिरवार के खिलाफ शासन स्तर पर एक्शन हुआ है। ग्वालियर की महल रोड बारिश में 10 दिन में 8 बार धंस गई थी जिससे ग्वालियर की देशभर में बदनामी हुई थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें....

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article