MP Heavy rain alert: एमपी में 13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल में जमकर बरसा पानी, जानें मौसम का हाल

मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बुधवार को भोपाल समेत कई जिलों में झमाझम बरसात हुई। मौसम विभाग ने प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

MP Heavy rain alert: एमपी में 13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल में जमकर बरसा पानी, जानें मौसम का हाल

हाइलाइट्स

  • मध्यप्रदेश में एक बार फिर एक्टिव हुआ मानसून।
  • 13 जिलों में 24 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट।
  • भोपाल, जबलपुर और इटारसी में झमाझम बारिश।

MP Heavy Rain Alert August 2025: मध्यप्रदेश में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश में एक्टिव नए स्ट्रांग सिस्टम का असर भी दिखने लगा है। बुधवार को राजधानी भोपाल में अचानक तेज बारिश हुई जिसके बाद सड़कें जल मग्न हो गई। जबलपुर, दमोह और नर्मदापुरम जैसे जिलों में कहीं रुक-रुक कर तो कहीं तेज बारिश हुई। इटारसी में सुबह से ही कभी तेज तो कभी हल्की रिमझिम फुहारें जारी रहीं।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में कई स्थानों पर साइक्लोनिक सिस्टम एक्टिव हैं, जिससे भारी बारिश की संभावना बन रही है। मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटों के लिए भारी बारिश का यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। MID अपडेट के अनुसार अगले 24 घंटों में प्रदेश के 13 जिलों में भारी और 6 जिलों में अतिभारी बारिश हो सकती है।

इन जिलों में अगले 24 घंटे भारी

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट: नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों में अतिभारी बारिश की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यह अलर्ट 14 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक मान्य है।

इन जिलों में यलो अलर्ट: रायसेन, सीहोर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, सिवनी और बालाघाट में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन जिलों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी है।

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एमपी में कई वेदर सिस्टम सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार, इस समय देश के कई हिस्सों में अलग-अलग वेदर सिस्टम (मौसमी प्रणालियां) सक्रिय हैं, जिनका असर मध्यप्रदेश के मौसम पर भी साफ देखा जा रहा है।

  • एक मानसून ट्रफ लाइन समुद्र तल के पास भटिंडा, पटियाला, देहरादून होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में हिमालय की तलहटी तक, यानी अरुणाचल प्रदेश तक फैली हुई है।
  • इसके अलावा, एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय घेरा उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर लगभग 0.9 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है।
  • बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों में समुद्र तल से लगभग 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।
  • मौसम विभाग का अनुमान है कि इन सिस्टम्स के प्रभाव से पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया सिस्टम बनने की संभावना है, जो अगले 48 घंटों में और अधिक सक्रिय हो सकता है। इससे प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में इजाफा हो सकता है।

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MP में अब तक कितनी बारिश?

मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक औसतन 29.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। जबकि प्रदेश की सामान्य औसत बारिश का आंकड़ा 37 इंच तय किया गया है। यानी अब राज्य के कोटे की पूरी बारिश पूरी होने में महज 7.3 इंच की कमी रह गई है।

उमरिया में सबसे ज्यादा बारिश, जबलपुर भी भीगा

मंगलवार को प्रदेश के उमरिया जिले में 24 घंटे के भीतर सबसे ज्यादा 4.9 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा जबलपुर में 2 इंच, जबकि टीकमगढ़, दमोह, ग्वालियर, सागर, सीधी, छतरपुर, रीवा, मंडला, सिवनी, नरसिंहपुर, इंदौर, नर्मदापुरम, बालाघाट और दतिया में भी बारिश का अच्छा दौर देखने को मिला।

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कई जिलों में अगस्त में ही कोटा फुल होने के आसार

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगस्त के दूसरे पखवाड़े से प्रदेश में एक बार फिर तेज बारिश की झड़ी लगने की संभावना है, जो महीने के आखिर तक जारी रह सकती है। यदि यह सिलसिला बना रहा, तो कई जिलों में मानसून का कोटा अगस्त में ही पूरा हो जाएगा।

अब तक ग्वालियर सहित 10 जिलों में औसत बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। हालांकि, इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति अभी भी कमजोर बनी हुई है, जहां कई क्षेत्रों में बारिश की कमी दर्ज की गई है। पूर्वी जिलों में अधिक, पश्चिमी जिलों में सामान्य से थोड़ी कम बारिश हुई है।

  • जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में औसत से 35% अधिक बारिश हो चुकी है।
  • भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में यह आंकड़ा 22% अधिक रहा है।
  • प्रदेश स्तर पर देखें तो अब तक ओवरऑल 29% अधिक बारिश दर्ज की गई है, जो उम्मीद से बेहतर स्थिति को दर्शाता है।

मौसम विभाग का मानना है कि यदि आने वाले सप्ताह में मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय रहा, तो बाकी बचे जिलों में भी बारिश का आंकड़ा जल्दी पूरा हो जाएगा।

हालांकि, बीते 12 दिनों से भोपाल सहित कई जिलों में बारिश का सिलसिला थमा हुआ था। खासतौर पर इंदौर और उज्जैन संभाग में हालात चिंताजनक हैं, जहां अब तक मौसम की बेरुखी के कारण सूखे जैसे हालात बन गए हैं। इन क्षेत्रों में सोयाबीन की फसलें खराब होने लगी हैं, जिससे किसान परेशान हैं।

जानें अगले 3 दिन का मौसम

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कहां सबसे ज्यादा और कहां सबसे कम तापमान?

मध्यप्रदेश में एक ओर जहां कई जिलों में बारिश से मौसम सुहावना हो गया है, वहीं कुछ हिस्सों में गर्मी अब भी बनी हुई है। श्योपुर मंगलवार को प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इसके अलावा अन्य प्रमुख जिलों में:

  • ग्वालियर: 34.4°C
  • खजुराहो (छतरपुर): 33.4°C
  • टीकमगढ़: 32.5°C
  • शिवपुरी: 32°C

पचमढ़ी रहा सबसे ठंडा

अगर न्यूनतम तापमान की बात करें तो पचमढ़ी (नर्मदापुरम) प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहां 19.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

इसके अलावा अन्य जिलों में न्यूनतम तापमान:

  • खंडवा / नरसिंहपुर: 21.0°C
  • राजगढ़: 21.4°C
  • अमरकंटक (अनूपपुर) / इंदौर: 21.6°C
  • खरगोन: 21.8°C

इस तरह प्रदेश में मौसम में हलचल के साथ दिन-रात के तापमान में भी अंतर देखने को मिल रहा है। अगले कुछ दिनों में बारिश बढ़ने की संभावना है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।

इस खबर से जुड़े 5 FAQ

1. एमपी में किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?

उत्तर: मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए 13 जिलों में येलो अलर्ट और 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

2. मध्यप्रदेश में अब तक कितनी बारिश हो चुकी है?

उत्तर: इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में अब तक 29.7 इंच औसत बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि पूरे सीजन का औसत 37 इंच माना जाता है। यानी अब कोटे से सिर्फ 7.3 इंच बारिश की कमी है।

3. इंदौर और उज्जैन संभाग में बारिश की क्या स्थिति है?

उत्तर: इंदौर और उज्जैन संभाग में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। बारिश की कमी से सोयाबीन जैसी खरीफ फसलों पर असर पड़ा है और सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। हालांकि अगस्त के दूसरे पखवाड़े में स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।

4. किस जिले में सबसे ज्यादा और सबसे कम तापमान दर्ज हुआ है?

उत्तर: सबसे ज्यादा तापमान: श्योपुर में 34.6°C, सबसे कम तापमान: पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 19.8°C

5. क्या अगस्त के अंत तक मानसून का कोटा पूरा हो जाएगा?

उत्तर: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगस्त के दूसरे हिस्से में तेज बारिश की संभावना है। अगर सिस्टम सक्रिय रहे तो कई जिलों में अगस्त में ही मानसून का कोटा पूरा हो सकता है। अब तक ग्वालियर समेत 10 जिलों में कोटा पहले ही पूरा हो चुका है।

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