आंदोलन से पहले मंथन: राजधानी भोपाल में 25 को जुटेंगे अतिथि शिक्षक संगठन के पदाधिकारी, शिक्षक दिवस पर प्रदर्शन की बनाएंगे रणनीति

MP Guest Teacher Protest: मध्य प्रदेश में महापंचायत की घोषणाओं को पूरी करवाने अतिथि शिक्षकों ने आंदोलन के लिए बिगुल बजा दिया है।

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MP Guest Teacher Protest: महापंचायत की घोषणाओं को पूरी करवाने अतिथि शिक्षकों ने आंदोलन के लिए बिगुल बजा दिया है। प्रदेशभर से अतिथि शिक्षक 5 सिंतबर, शिक्षक दिवस को सीएम हाउस की ओर कूच करेंगे।

मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों से जुड़े दो से तीन संगठन काम कर रहे हैं। 25 अगस्त को अतिथि शिक्षक संगठन से जुड़े पदाधिकारी भोपाल में एक बैठक में शामिल होंगे। जहां शिक्षक दिवस पर होने वाले प्रदर्शन को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।

बैठक में हर जिले से शामिल होंगे पदाधिकारी

भोपाल में 25 अगस्त को होने वाली बैठक में प्रदेश के हर जिले से पदाधिकारियों को आमंत्रित किया है। अतिथियों के लिये करो या मरो जैसी स्थिति है।

इसलिए पदाधिकारियों को ये हिदायत भी दी गई है कि बैठक में अनिवार्य रूप से मौजूद रहे। जो पदाधिकारी बैठक में मौजूद नहीं रहेंगे, उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पांचवी बार बढ़ाई ज्वाइनिंग की डेट

सरकारी स्कूलों में अतिथियों की ज्वाइनिंग 1 से 7 अगस्त के बीच हो जाना चाहिए थी, लेकिन विभाग ने एक दो बार नहीं बल्कि 5 बार इसी डेट बढ़ा दी। 21 अगस्त को जारी आदेश के मुताबिक अब अतिथि 24 अगस्त तक स्कूलों में ज्वाइन कर सकेंगे।

छठी बार बढ़ी डेट तो बैठक होगी प्रभावित

अतिथियों का ही मानना है कि अभी विभाग और डेट को आगे बढ़ाएगा। 25 अगस्त को प्रदर्शन की तैयारियों के संबंध में भोपाल में अतिथि शिक्षकों की बड़ी बैठक है।

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यदि विभाग 24 अगस्त से डेट का और आगे बढ़ाता है तो ज्वाइनिंग प्रक्रिया में उलझकर कई अतिथि बैठक में पहुंच ही नहीं सकेंगे।

इस बार स्थिति ज्यादा चिंताजनक

बीते शैक्षणिक सत्र में शिक्षकों की कमी से बोर्ड कक्षाओं का रिजल्ट बिगड़ा। उम्मीद थी कि इससे सीख लेकर इस बार शिक्षकों के मामले में स्थिति बेहतर होगी, लेकिन इसके उलट पूरी तरह से खिचड़ी मच गई है।

नई भर्ती से अतिथि शिक्षकों के पद खत्म कर दिये हैं, लेकिन भर्ती से चयनित शिक्षक कब तक ज्वाइन करेंगे इसका कुछ अता पता नहीं है। प्रमोशन से जो पद खाली हुए हैं, उससे भी दिक्कत हुई है। संभावित ट्रांसफर के बाद हालात बिगड़ेंगे वो तो अलग ही है।

13 हजार अतिथि पहले ही हो गए बाहर

बोर्ड रिजल्ट खराब होने के बाद शासन ने ये स्पष्ट कर दिया था कि 30% भी रिजल्ट नहीं देने वाले अतिथि शिक्षकों को दोबारा नहीं रखा जाएगा।

इससे 13 हजार अतिथियों की नौकरी पहले ही जा चुकी है। ये बात और है कि उन्हें पढ़ाने के लिये स्कूलों में कितना समय मिला, ये अलग मुद्दा है।

अनुभवी अतिथि शिक्षकों को मिले प्राथमिकता

भर्ती, प्रमोशन और ट्रांसफर के कारण कई अनुभवी अतिथियों की नौकरी या तो जा चुकी है या जाने वाली है।

14 अगस्त को अतिथि शिक्षक समन्वय समिति ने आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय को एक पत्र सौंपकर अनुभवी अतिथि शिक्षकों को रिक्त पदों पर भर्ती में प्राथमिकता दिये जाने की मांग की है।

अतिथि शिक्षकों की ये है मांगें

1. खाली पदों पर अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर नियुक्ति के आदेश तत्काल जारी हों।

2. अनुभव-वरिष्ठता के आधार पर विभागीय पात्रता परीक्षा आयोजित कर नियमित शिक्षक बनाया जाए।

3. अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर अतिथियों का पूरे एक साल का अनुबंध किया जाए।

4. शिक्षक भर्ती में 50% आरक्षण और हर साल 4 अंक या अधिकतम 20 अंक बोनस दिया जाए।

5. महीने की निश्चित तारीख को अतिथि शिक्षकों को मानदेय देने का आदेश जारी किया जाए।

अतिथियों के सामने प्रदर्शन को लेकर ये चुनौती

ऐसा नहीं है कि विभाग की ओर से अब तक किसी भी अतिथि को ज्वाइन नहीं कराया है। बल्कि ये प्रक्रिया 1 अगस्त से निरंतर जारी है। ऐसे में हजारों अतिथि स्कूलों में अपनी आमद दे चुके हैं।

ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या स्कूलों में ज्वाइन कर चुके अतिथि इस आंदोलन (MP Guest Teacher Protest) का हिस्सा बनेंगे? दिक्कत अतिथि संगठनों के समन्वय की भी है। ये संगठन अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक आडियो सामने आया। जिसमें अतिथि से जुड़े दो अलग अलग संगठन के पदाधिकारी आपस में बात करते सुनाई दे रहे हैं।

इस पूरी बातचीत में एक दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं। कुल मिलाकर अतिथि संगठनों के बीच सब कुछ सही है, ऐसा नहीं कहा जा सकता।

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